—मुंबई से पकड़े गए निर्देशक विक्रम भट्ट, हाईकोर्ट ने बेटी को दी अंतरिम सुरक्षा
उदयपुर, 9 दिसंबर : बॉलीवुड निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को 30 करोड़ रुपये की कथित आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में उदयपुर पुलिस ने अदालत में पेश करने के बाद सात दिन की रिमांड पर ले लिया है। दोनों को पुलिस विशेष टीम सोमवार देर रात मुंबई से उदयपुर लेकर आई थी। मंगलवार को एसीजेएम कोर्ट में पेशी हुई, जहां अदालत ने विस्तृत पूछताछ के लिए दंपती को पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। गिरफ्तारी के बाद से दोनों को चित्रकूट नगर स्थित महिला अपराध एवं अनुसंधान सेल में रखा गया है। मामले की जांच डीएसपी छगन सिंह राजपुरोहित कर रहे हैं।
गिरफ्तारी के समय मुंबई में पुलिस टीम को फिल्ममेकर के गार्डों ने भीतर प्रवेश से रोकने की कोशिश की, हालांकि टीम ने फ्लैट में मौजूद दोनों को औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर हिरासत में ले लिया। उदयपुर पहुंचने पर भट्ट दंपती मीडिया से बचने के लिए चेहरा ढककर निकले।
इस बीच मामले से जुड़ी एक याचिका मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर में सुनी गई। अदालत ने निर्देशक की बेटी को फिलहाल गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान करते हुए उदयपुर पुलिस के एसपी और जांच अधिकारी को 15 दिसंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इस मामले की पड़ताल में दिखाई गई कथित जल्दबाजी पर असंतोष भी जताया।
मामले की जड़ में इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के प्रमुख डॉ. अजय मुर्डिया द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर है, जिसमें आरोप है कि उनकी पत्नी की बायोपिक और बाद में चार फिल्मों के निर्माण के नाम पर उनसे भारी राशि ली गई। आरोप के अनुसार, पहले एक बायोपिक पर चर्चा हुई, फिर यह प्रस्ताव रखा गया कि 47 करोड़ में चार फिल्मों का निर्माण कर उन्हें 100 से 200 करोड़ के बीच मुनाफा दिया जाएगा। इसी भरोसे पर डॉक्टर से करोड़ों रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवाए गए।
एफआईआर में कहा गया है कि चार में से केवल दो फिल्में पूरी कर रिलीज की गईं, तीसरी फिल्म का निर्माण आधा-अधूरा रह गया और चौथी पर काम शुरू ही नहीं हुआ। आरोप है कि निर्धारित बजट के बावजूद परियोजनाओं में पारदर्शिता नहीं रही और करोड़ों रुपये का दुरुपयोग हुआ।
