उदयपुर। शहर के बेदला स्थित समता नगर के भिक्षु नगर में रहने वाला एक परिवार घूमने के लिए बाहर गया हुआ और पीछे से मकान बंद रहा। बावजूद इसके अजमेर विद्युत वितरण निगम लि की ओर से उस घर का बिजली बिल 18275 रुपए का भिजवा दिया। बिल पाकर परिवार अवाक रह गया। सोचने की बात भी है कि जब घर बंद था और बिजली का बटन तक दबाने वाला घर में कोई नहीं था तो फिर बिजली का बिल आया कैसे। यह सवाल उठना वाजिब भी है। एवीवीएनएल ने यह बिल भिक्षु नगर निवासी मंजू लता टाक पुत्री शंकरलाल टाक के नाम से विद्युत कनेक्शन पर जारी किया। धवल टाक ने बताया कि पिछले कुछ माह से उनके बिजली का बिल लगातार बढते हुए आने लगा। पहले जहां बिल तीन हजार रुपए तक आता था धीरे धीरे बढते हुए जून का बिल 18 हजार रुपए से ज्यादा का आ गया। बिल राशि लगातार बढने पर मीटर में गडबडी की आशंका भी हुई और इसके लिए एवीवीएनएल कार्यालय में मीटर जांच का एप्लीकेशन भी दी गई। मीटर जांच के लिए एवीवीएनएल के संबंधित अधिकारी द्वारा पांच हजार रुपए शुल्क बताया। इसके अलावा घर का फोटो व अन्य दस्तावेज मय प्रार्थना पत्र देने को कहा जो उपलब्ध करवाने पर एक बार तो एवीवीएनएल अधिकारी ने बिल में संशोधन करते हुए करीब तीन हजार रुपए कम करके राशि जमा करवाने के लिए कह दिया। इस पर आपत्ति करते हुए अधिकारी से जब कहा गया कि जब बिजली उपभोग ही नहीं की गई तो ज्यादा राशि का बिल क्यों जमा कराए। कुल मिलाकर समस्या का समाधान नहीं हुआ। धवल टाक का कहना है कि जब मीटर एवीवीएनएल की सम्पत्ति है और उसका हर माह शुल्क भी उपभोक्ता द्वारा भुगतान किया जाता है तो उसके खराब होने का खामियाजा उपभोक्ता क्यों भुगते। बिजली के मीटर को कोई उपभोक्ता जानबुझ कर खराब भी नहीं कर सकता क्योंकि उसमें विद्युत प्रवाहित होने से करंट लगने से जनहानि की आशंका व खतरा रहता है। धवल टाक ने बताया कि इस बारे में जब सोशल मीडिया पर अपनी समस्या साझा करने पर इसी तरह की समस्या से परेशान अन्य उपभोक्ताओं ने भी उनसे संपर्क किया। अब वे सभी मिलकर सोमवार को एवीवीएनएल कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारी से भेंटकर समस्या से अवगत कराते हुए उचित समाधान के लिए कहेंगें। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर अदालत की शरण ली जाएगी।
परिवार बाहर, पीछे घर बंद, फिर भी बिजली का बिल 18275 रुपए
