विभाग ने दिए जांच के आदेश, कमेटी बनाने की बात कही
उदयपुर : जिले के फलासिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रात 10 बजे उपचार कराने आई गर्भवती महिला को ड्यूटी पर तैनात नर्सिंगर्की धक्का देकर बाहर निकालने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चिकित्सा विभाग ने इसके जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं झाड़ोल ब्लॉक के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गरासिया ने इस मामले में नर्सिंगकर्मी को नोटिस दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो सोमवार रात का है। बताया गया कि आंगनवाड़ी सहायिका बसुदेवी झाड़ोल क्षेत्र के आमीवाड़ा पंचायत की मंडकोशिया गांव की गर्भवती प्रेम देवी कटारा को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। तब प्रेम देवी का पति शंभुलाल भी उनके साथ था। उसका कहना है कि वहां मौजूद नर्सिंग आॅफिसर राजेंद्र खराड़ी ने महिला को उपचार देने की बजाय उनसे दुर्व्यवहार किया और उलाहना दिया कि उसे उपचार के लिए कोल्यारी ले जाने की बजाए यहां क्यूं लाई हो? जब उन्होंने पीड़िता का उपचार करने का आग्रह किया तो उसे प्रेम देवी तथा उसके पति शंभुलाल को धक्का मारकर भगा दिया। जबकि नर्सिंग आॅफिसर राजेंद्र खराड़ी का कहना है कि गर्भवती महिला के साथ आई एक अन्य महिला उसके साथ बदतमीजी से पेश आई, उसने किसी तरह धक्का—मुक्की नहीं की। हालांकि उनके साथ गए टेम्पो चालक धर्मीलाल ने पीड़िता और उसके पति को धक्का देकर भगाने की बात की पुष्टि की है। जिसके बाद वह पीड़िता और उसके परिजनों को लेकर कोल्यारी अस्पताल लेकर गया।
लोगों ने बना लिया था वीडियो
बताया गया कि इस घटना के समय मौजूद लोगों ने वीडियो बनाकर उसे वायरल किया। जिसमें साफ दिख रहा है कि नर्सिंग आॅफिसर खराड़ी ने एक व्यक्ति के वीडियो बनाए जाने पर उससे मोबाइल छीनने का भी प्रयास किया।
पूर्व में भी मिल चुकी है इसी तरह शिकायत
बताया गया कि इसी नर्सिंग आॅफिसर के खिलाफ पूर्व में भी मरीजों से दुर्व्यवहार की शिकायत मिल चुकी है। पिछले सप्ताह अस्पताल में तोड़फोड़ करने के साथ एक महिलाकर्मी के साथ भी अभद्रता की। जिसकी शिकायत विभाग के पास लंबित है। जिसमें सीएचसी इंचार्ज ने उसको नोटिस दिया था। यहां तक आरोपी नर्सिंग आॅफिसर ने अस्पताल परिसर में जान देने का प्रयास भी किया।
इधर, इस मामले में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शंकरलाल बामनिया का कहना है कि उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश के साथ जांच कमेटी के गठन की बात कही है। जो जल्द ही जांच के लिए फलासिया सीएचसी जाएगी। दोषी पाए जाने पर नर्सिंग आॅफिसर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी मरीज किसी भी अस्पताल में उपचार कराने जा सकता है। इसके लिए कोई बंधन नहीं है।
फलासिया के नर्सिंग आॅफिसर ने गर्भवती महिला को रात में धक्का देकर अस्पताल से बाहर किया
