उदयपुर। प्रदेश में अगले माह माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की आने परीक्षा से पहले विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर होने वाली चिंता और उनमें बढ़ते तनाव को परीक्षा पर्व दूर करेगा। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने लाइव सत्र तैयार किए हैं जो दूरदर्शन और यूट्यूब के जरिए देख सुनकर विद्यार्थी लाभांवित हो सकेंगे।
स्कूली शिक्षा में 99-100 प्रतिशत प्राप्तांक को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्द्धा दौर में आज बच्चों का बड़ा बुरा हाल हो रहा है। अभिभावकों की अपने बच्चों से उम्मीदें बहुत बढ़ गई है। अच्छे परिणाम के लिए अभिभावक तो तनाव में रहते ही है उनके लगातार दबाव के चलते बच्चों में भी तनाव बढ़ने लगा है। बच्चों में बढ़ते तनाव के परिणाम भी बुरे आने लगे हैं। तनाव से ग्रसित हो बच्चों के आत्महत्या जैसे कदम उठाने के कई उदाहरण देशभर में मिलते हैं। बच्चों को इन तनाव भरे हालात से मुक्त करने के लिए राष्टÑीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने परीक्षा से पहले परीक्षा पर्व का आयोजन तय किया है। आयोग की पहल पर राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने प्रदेशभर के राजकीय विद्यालयों में परीक्षा पर्व के सफल क्रियान्वयन शुरू किया है। परीक्षा पर्व का उद्देश्य परीक्षा के तनाव के प्रति बच्चों के दृष्टिकोण को बदलना और परीक्षा से पहले उनकी चिंता को दूर करना है। सोमवार से शुरू हुआ परीक्षा पर्व आगामी 31 मार्च तक होगा जिसमें एनसीपीसीआर दूरदर्शन नेशनल और एनसीपीसीआर के फेसबुक व यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
विद्यार्थियों को मिलेंगे पढ़ाई करने के टिप्स
परीक्षा पर्व के तहत विशेषज्ञों के माध्यम से बच्चों को परीक्षा के समय तनाव, समय प्रबंधन कैसे करें, पढ़ाई करते समय किन बातों का ध्यान रखें आदि विषयों पर वार्ता की जाएगी व विद्यार्थियों को जागरुक किया जाएगा। इसके लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त डॉ मोहनलाल यादव ने प्रदेश के समस्त मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक तथा अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा को राष्टÑीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की गाईडलाइन अनुसार राजकीय विद्यालयों में परीक्षा पर्व के लाइव सत्रों में विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
परीक्षा पर्व दूर करेगा विद्यार्थियों में चिंता और तनाव
