उदयपुर। रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर, गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवम् हॉस्पिटल, आईएपी उदयपुर, इनरव्हील क्लब एवम् सूर्यांश क्लब के सांझे में मनाए जा रहे विश्व स्तनपान सप्ताह के छठे दिन आज कच्ची बस्ती की महिलाओं के लिये कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम बोलते हुए डॉ.देवेंद्र सरीन बताया कि मां के प्रसव पश्चात शुरु में आने वाला दूध (कोलोस्ट्रम) नवजात शिशु के लिए अत्यंत लाभदायक है। इसकी प्रत्येक बूंद नवजात को दी जानी चाहिए। जिससे उसकी रोगप्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है एवम् उसका विभिन्न रोगों से बचाव होता है, इसिलिए कोलोस्ट्रम को अमृततुल्य कहा गया है।
रोटरी क्लब अध्यक्ष रो. गिरीश मेहता ने कच्ची बस्ती की महिलाओं को शिशुओं को पोष्टिक आहार देने के लिए प्रेरित किया। सूर्यांश क्लब की निदेशक राजकुमारी गांधी ने इन माताओं को बताया की प्रथम छह माह तक शिशु को सिर्फ मां का दूध पिलाएं। डॉ तरल केशरणी ने इन्हें डिब्बे का दूध ना पिलाने के लिए प्रेरित किया। डॉ अर्पित पराशर ने महिलाओं को बोतल से दूध पिलाने की हानियों के बारे में अवगत कराया। इस अवसर पर विशेषरूप से दीपिका प्रियंक गांधी, साक्षी मेहता, आर्जव एवम् आरव उपस्थित थे। कल दोपहर 12 बजे गीतांजली हॉस्पिटल की तीसरी मंजिल पर लेक्चर थिएटर 5 में स्तनपान सप्ताह का समापन समारोह होगा।
कोलोस्ट्रम की प्रत्येक बूंद अमृततुल्य
