पिछले साल का मामला
उदयपुर। डूंगरपुर जिलीे की पोक्सो मामलों की अदालत ने शनिवार को सुनाए फैसले में नाबालिग से अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद की सजा के साथ दो लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
अभियोजन सूत्रों के अनुसार कोतवाली थाने में पिछले साल 9 अप्रैल को दर्ज मामले में नाबालिग के पिता ने बताया था कि वह हिम्मतनगर गुजरात में मजदूरी करता था। उस दौरान उसकी पत्नी दो बेटियों के साथ घर पर रहती थी। 2 अप्रैल 22 को उसकी पत्नी घरेलु काम से डूंगरपुर शहर गई थी और दोनों बेटियां घर पर थीं। शाम को जब वह लौटी तो उसकी बड़ी बेटी घर पर नहीं मिली। छोटी बेटी ने बताया कि एक युवक उसे जबरन कार में बिठाकर ले गया।
पत्नी की सूचना पर वह हिम्मतनगर से आया तथा बेटी की अपने स्तर पर तलाश की। काफी तलाश के बाद पता चला कि उसकी बेटी का अपहरण खुंटा फलिया निवासी कमलेश पुत्र रघु भाई ने किया और उसे गुजरात के दाहोद लेकर गया बताया। पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर नाबालिग को दाहोद से डिटेन कर लिया था, जिसने बताया कि कमलेश द्वारा उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की जानकारी पुलिस को दी थी। मेडिकल रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि होने पर अदालत ने जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश कर दिया था। अदालत ने शनिवार को अंतिम सुनवाई करते हुए अभियुक्त कमलेश को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
नाबलिग का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी को डूंगरपुर कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई
