डूंगरपुर, 02 अगस्त(ब्यूरो) भादर गांव में चारागाह भूमि पर लगे नीलगिरी के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। तस्करों का ट्रक कीचड़ में फंस जाने पर मॉर्निंग वॉक पर निकले स्थानीय लोगों ने चार तस्करों को पकड़ लिया। मौके पर पहुंची पुलिस, राजस्व और वन विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार की सुबह भादर गांव में सरपंच पति विनोद कटारा अपने नियमित मॉर्निंग वॉक पर थे जब उन्होंने देखा कि चारागाह भूमि पर एक ट्रक कीचड़ में फंसा हुआ है। ट्रक के पास पहुँचते ही उन्होंने देखा कि दो लोग वहां से भाग गए। ट्रक तिरपाल से ढका हुआ था, और अंदर हरे नीलगिरी के पेड़ कटे हुए भरे थे। ट्रक में दो लोग सोए हुए भी मिले, जिन्होंने पूछताछ में बताया कि वे बोड़ामली निवासी कांतिलाल के कहने पर पेड़ काटकर ले जा रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, कांतिलाल पहले भेड़ ऊन विभाग के तहत इस भूमि की देखरेख करता था और ऑफिस बंद होने के बाद उसने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर जमीन पर कब्जा कर लिया। अब वह इस जमीन पर उगे पेड़ों को काटकर बेच रहा है। विनोद कटारा ने बताया कि अब तक तस्कर 100 से अधिक पेड़ काट चुके हैं। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने चार तस्करों को पकड़ लिया और वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
डूंगरपुर। कीचड़ में फसे ट्रक मिले कटे नीलगरी के पेड़, चारागाह भूमि पर नीलगिरी के पेड़ काटने का आरोप
