उदयपुर 29 दिसम्बर / इतिहास एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान विद्यापीठ की सहायक आचार्य डॉ. ममता पूर्बिया को उनके शोध पत्र “नर्बदेश्वर मंदिर का स्थापत्य” के लिए प्रतिष्ठित प्रोफेसर नीलिमा वशिष्ठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह पुरस्कार उन्हें राजस्थान हिस्ट्री कांग्रेस के 38वें अधिवेशन में “राजस्थान की कला एवं स्थापत्य का अध्ययन” विषय के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र प्रस्तुति हेतु प्रदान किए जाने हेतु चयनित किया गया था।
राजस्थान हिस्ट्री कांग्रेस के नियमानुसार यह पुरस्कार 39वें अधिवेशन में औपचारिक रूप से प्रदान किया गया, जिसका आयोजन महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश, मेहरानगढ़ जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
डॉ. ममता पूर्बिया ने अपने शोध पत्र में नर्बदेश्वर मंदिर की स्थापत्य शैली, कलात्मक विशेषताओं तथा ऐतिहासिक महत्व का गहन एवं तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत किया, जिसे विद्वानों एवं इतिहासकारों द्वारा विशेष सराहना प्राप्त हुई।
राजस्थान हिस्ट्री कांग्रेस में डॉ. ममता पूर्बिया को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से नवाजा
