’11 से 14 अप्रैल तक ब्लॉक, जिला व राज्य स्तर पर होंगे आयोजन’
उदयपुर, 8 अप्रैल। सामाजिक न्याय और समानता के प्रतीक डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती प्रदेशभर में भव्य और संगठित रूप से मनाने की तैयारी की गई है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राज्य सरकार द्वारा 11 से 14 अप्रैल तक ब्लॉक, जिला और राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तय की गई है। आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
’यह होंगे आयोजन’
कार्यक्रम की शुरुआत 11 अप्रैल से होगी, जिसमें महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन प्रत्येक जिला मुख्यालय पर जिला कलक्टर के नेतृत्व में किया जाएगा। इसमें अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरे दिन 12 अप्रैल को “संविधान को जानें” विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस दौरान विद्यालयों, महाविद्यालयों और आवासीय विद्यालयों में ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता का शुभारंभ किया जाएगा, जो 14 अप्रैल तक चलेगी। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को संविधान के प्रति जागरूक करना है।
13 अप्रैल को तीसरे दिन “स्वच्छता एवं सामाजिक समरसता” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दिन संगोष्ठी, व्याख्यान, फिल्म प्रदर्शन और स्वच्छता अभियान के साथ-साथ विद्यालयों में निबंध लेखन, भाषण एवं पेंटिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी, जिनका विषय अम्बेडकर और संविधान रहेगा।
मुख्य आयोजन 14 अप्रैल को जिला एवं राज्य स्तर पर होगा। इस दिन संविधान की प्रस्तावना का वाचन, शपथ ग्रहण तथा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जयपुर में राज्य स्तरीय समारोह श्री भवानी निकेतन महाविद्यालय में आयोजित होगा, जहां पुरस्कार वितरण एवं अन्य प्रमुख गतिविधियां होंगी।
’सफल संचालन के लिए सौंपे दायित्व’
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा आयोजन स्थल की व्यवस्थाएं, परिवहन विभाग द्वारा आवागमन, पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा, पर्यटन विभाग द्वारा आतिथ्य व्यवस्था तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा, बल्कि सामाजिक समरसता, स्वच्छता और संवैधानिक जागरूकता को भी नई दिशा देगा।
