ब्रिजिंग दि एसडीजी फाइनेंसिंग गैप विषय पर हुई चर्चा

जी-20: आईआईएम में डॉमेस्टिक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित
उदयपुर 20 मार्च। उदयपुर में जी-20 सतत वित्त कार्य दल (एसएफडब्ल्यूजी) की दूसरी बैठक से पूर्व आईआईएम में ‘ब्रिजिंग दि एसडीजी फाइनेंसिंग गैपरू रोल ऑफ माइक्रोफाइनेंस’ पर जी-20 डॉमेस्टिक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन आईआईएम उदयपुर के निदेशक प्रो. अशोक बनर्जी द्वारा किया गया। सर्वप्रथम सुश्री गीतू जोशी, सलाहकार, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार ने अपना वक्तव्य दिया तत्पश्चात डॉ मल्लिका कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, एसआरसीसी व आईसीईआई की उपाध्यक्ष ने  कोओपरेटिव और एसडीजी पर संबोधन दिया।
2030 तक एसडीजी प्राप्तज करने की राह पर एक पैनल चर्चा भी हुई जिसका सत्र संचालन पी वी एस सूर्यकुमार, डीएमडी, नाबार्ड द्वारा किया गया। पैनलिस्टों में डॉ. आर. के. सिंह, मुख्य महाप्रबंधक, सिडबी, सुश्री जयश्री व्यास, एमडी, सेवा बैंक, डॉ. आलोक मिश्रा, सीईओ और निदेशक, एमएफआईएन और श्री जनमेजय मोहंती, मुख्य महाप्रबंधक, एसबीआई जैसे वरिष्ठ उद्योग विशेषज्ञ शामिल थे। सत्र संचालक और पैनलिस्ट ने इस विषय पर अपने वृहद अनुभव से समृद्ध उत्कृष्ट अंतर्दृष्टि प्रदान की और एसडीजी के वित्तपोषण में माइक्रो फाइनेंस की भूमिका पर कई उपयोगी सुझाव दिए।
जी 20 का यह कार्यक्रम चर्चा प्रधान था और इसमें लगभग 350 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन बृज राज, महाप्रबंधक, रिज़र्व बैंक द्वारा किया गया। वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के अधिकारियों सहित रिज़र्व बैंक के वरिष्ठ अधिकारी श्री अमित सिन्हा व श्री विकास अग्रवाल के साथ-साथ रिज़र्व बैंक, केंद्रीय कार्यालय और रिज़र्व बैंक, जयपुर कार्यालय के अन्य अधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम में सहभागिता की। इस कार्यक्रम में नाबार्ड, वाणिज्यिक बैंकों, लघु वित्त बैंकों और एनबीएफसी-एमएफआई के अलावा आईआईएम उदयपुर के संकाय-सदस्योंो और छात्रों ने भी सहभागिता की।

By Udaipurviews

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