जिला स्तरीय पालनहार लाभार्थी संवाद आयोजित-जिला कलक्टर सक्सेना ने किया लाभार्थियों से संवाद
राजसमंद। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को राज्य स्तरीय पालनहार लाभार्थी संवाद कार्यक्रम के तहत 5 लाख 91 हजार 730 लाभार्थियों के बैंक खातों में 87 करोड़ 36 लाख 56 हजार 750 रूपए की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित किए। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में गहलोत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से लाभार्थियों से संवाद किया। जिला राजसमंद भी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए राज्य स्तरीय संवाद कार्यक्रम में शामिल रहा।
जिला स्तरीय कार्यक्रम हुआ आयोजित
जिला स्तर पर भी सोमवार को अणुव्रत विश्व भारती सभागार, राजसमंद में जिला स्तरीय पालनहार लाभार्थी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें राजसमंद के 13 हजार 728 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से लाभ हस्तांतरण किया गया ।
जिला कलक्टर सक्सेना ने किया लाभार्थियों से संवाद
जिला कलक्टर नीलाभ सक्सेना ने लाभार्थियों का माला पहना कर स्वागत किया और उनके साथ संवाद किया। उन्होंने लाभार्थियों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
क्या है पालनहार योजना
प्रदेश में अनाथ, देखरेख व संरक्षण की श्रेणी में आने वाले बालक और बालिकाओं की परिवार के अंदर ही समुचित देखरेख, संरक्षण एवं शिक्षा सुनिश्चित हो सके इसके लिए पालनहार योजना संचालित है। योजना के तहत इन बच्चों का पालन-पोषण करने वाले व्यक्ति को बच्चों की शिक्षा, खाने-पीने और कपड़ों की व्यवस्था के लिए प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाती है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2023-24 के बजट में पालनहार योजना में 0 से 6 वर्ष आयु के बच्चों के लिए प्रतिमाह दी जाने वाली सहायता राशि 500 रूपए से बढ़ाकर 750 रूपए प्रतिमाह तथा 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग को देय एक हजार रूपए से बढ़ाकर 1500 रूपए प्रतिमाह करने की घोषणा की थी। राज्य सरकार द्वारा अब तक 2516 करोड़ रुपए व्यय कर 6.86 लाख लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है।
इन जिलों में इतने लाभार्थियों को लाभ हस्तांतरण
लाभार्थी उत्सव के दौरान अजमेर जिले के 29,377, अलवर के 33,649, बांसवाड़ा के 16,034, बारां के 9,037, बाड़मेर के 21,035, भरतपुर के 27,599, भीलवाड़ा के 22.021, बीकानेर के 14,159, बूंदी के 11,807, चित्तौड़गढ़ के 13,446, चूरू के 12,923, दौसा के 29,004, धौलपुर के 17,207, डूंगरपुर के 13,294, हनुमानगढ़ के 11,629, जयपुर के 36,892, जैसलमेर के 4,651, जालोर के 17,048 तथा झालावाड़ के 13,750 लाभार्थियों के खातों में लाभ हस्तांतरित किया। इसी प्रकार झुन्झुनूं के 13,458, जोधपुर के 33,406, करौली के 17.323, कोटा के 11,329, नागौर के 30,284, पाली के 18,744, प्रतापगढ़ के 8,214, राजसमंद के 13,728 सवाई माधोपुर के 10,018, सीकर के 15,503, सिरोही के 13,581, श्रीगंगानगर के 14,146, टॉक के 14,831 और उदयपुर के 22,963 लाभार्थियों को लाभ का प्रत्यक्ष हस्तांतरण किया ।
पालनहार योजना की पात्र श्रेणियां
अनाथ बच्चे, न्यायिक प्रक्रिया से मृत्यु दण्ड आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे, पेंशन प्राप्त कर रही विधवा माता के बच्चे, पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे, एच.आई.वी.एड्स से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, नाता जाने वाली माता के बच्चे, विशेष योग्यजन माता-पिता के बच्चे, पेंशन प्राप्त कर रही तलाकशुदा अथवा परित्यक्ता महिला के बच्चे, सिलिकोसिस पीड़ित माता-पिता के बच्चे।
अनुदान राशि का यह है प्रावधान
अनाथ श्रेणी के 0-6 आयु वर्ग के बच्चों के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह और 6-18 आयु वर्ग तक के बच्चों के लिए 2500 रुपये प्रतिमाह राज्य सरकार की बजट घोषणा 2023-24 के अनुसार पालनहार योजना में अनाथ श्रेणी के अतिरिक्त अन्य श्रेणी के 0 से 6 वर्ष उम्र के बच्चों के लिए 500 रुपए के स्थान पर 750 रुपये प्रतिमाह और 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए 1000 रपए के स्थान पर 1500 रुपये प्रतिमाह बढ़ी हुई सहायता राशि मिलेगी। यह बढ़ोतरी जुलाई 2023 से लागू होगी। साथ ही कपड़े, स्वेटर, जूते आदि के लिए हर वर्ष 2000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। (विधवा और नाता श्रेणी को छोड़कर)। इस योजना की सबसे जरूरी शर्त यह है कि बच्चों का आंगनबाड़ी या विद्यालय जाना अनिवार्य है। जिसके लिए जिला प्रशासन ने एक अभियान भी संचालित किया है। शैक्षिक सत्र 2023 24 का सत्यापन प्रारंभ हो चुका है जिसके लिए आवश्यक दिशा निर्देश ब्लॉक एवं ग्राम अधिकारियों को जिला कलक्टर द्वारा दिया गया ।
कार्यक्रम में जिला परिषद सीईओ राहुल जैन, एडीएम रामचरन शर्मा, एसीईओ भुवनेश्वर सिंह चौहान, नगर परिषद सभापति अशोक, पूर्व जिला प्रमुख नारायण सिंह भाटी, उपसभापति चुन्नीलाल पंचोली, उपनिदेशक समाज कल्याण जय प्रकाश चारण आदि उपस्थित रहे ।
