आसपुर02 अगस्त(ब्यूरो) साबला उपखंड के बिलुडा गांव का राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय विकास की राह देख रहा है। विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी ने छात्रों की पढ़ाई और स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है। साबला उपखंड के राजस्व गांव बिलुडा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में नामांकित 170 छात्र-छात्राएं बुनियादी सुविधाओं के अभाव में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यालय में कुल 9 कमरे हैं, जिनकी छतें जर्जर हो चुकी हैं। बरसात के मौसम में कमरों में पानी टपकता है, जिससे विद्यार्थियों को बैठने में समस्या होती है। कुछ कमरों की छतें इतनी कमजोर हो चुकी हैं कि किसी भी समय गिर सकती हैं, जिससे जनहानि का खतरा है।
शौच के खुले में जाते है बालक – बालिका –विद्यालय में बालक और बालिका दोनों अध्ययन करते हैं, लेकिन शौचालय की सुविधा पृथक नहीं है। मौजूदा शौचालय भी अधूरे हैं, दरवाजे क्षतिग्रस्त हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को बाहर झाड़ियों में जाने पर मजबूर होना पड़ता है। बरसात के मौसम में जहरीले जानवरों के काटने का डर बना रहता है। मिड-डे मील की स्थिति भी दयनीय है, जिससे छात्रों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
खेल मैदान की उपेक्षा-विद्यालय के खेल मैदान में 66वीं जिलास्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन हो चुका है, लेकिन अब यह मैदान भी उपेक्षा का शिकार हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों को विद्यालय की समस्याओं से अवगत कराया है। विद्यालय की बैठक में छतों पर चाईना मेजिक लगाने और शौचालय के अधूरे कार्यों को पूरा करवाने का आश्वासन भी मिला, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
जनप्रतिनिधियों ने सिर्फ दिया आश्वासन –बिलुडा गांव में मोतीलाल ने बताया कि, साबला प्रधान ने बच्चों के लिए प्रार्थना स्थल पर टिन शेड निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ। ग्रामीण देवीलाल माल, धनजी माल, पुंजीया माल, सुखदेव बरगोट, हितेश माल, मोतीलाल बिलुडा सहित अन्य लोगों ने इस मौके पर अपनी निराशा व्यक्त की और कहा कि उनके बच्चे ऐसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन कोई भी उनकी सुनने को तैयार नहीं है।
अभी तक स्कूल के कैमरे जर्जर है इसकी जानकारी मुझे नहीं हैं। सालाना स्कूल को 50 हज़ार का बजट मिलता हैं। जिसमें वो शौचालय की मरम्मत करवा सकते थे। में इसका पता करवाकर बच्चों के लिए जल्द व्यवस्था करुंगा।
