अदालतों में सन्नाटा, सड़कों पर बजे ढोल, कुण्डी और मंजीरे

 (प्रतीक जैन)
खेरवाड़ा के चारों न्यायालयों में केवल आगे खिसकी सुनवाई की तारीखें
पुनर्गठन की मांग को लेकर आठवें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
खेरवाड़ा, अपर जिला एवं सेशन न्यायालय, ग्राम न्यायालय, सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट  सहित सभी न्यायालयों में सन्नाटा पसरा था, सभी पीठासीन अधिकारी भी अवकाश पर थे और सुनवाई के लिए नियत सभी पत्रावलियों में एक पंक्ति में कॉमन तारीख लिखी पर्ची न्यायालयों के बाहर चस्पा कर दी गई थी।सभी चारों पीठासीन अधिकारियों के अवकाश पर चले जाने और सभी न्यायिक कर्मचारियों के पिछले आठ दिनों से सामूहिक अवकाश पर रहकर अपनी मांगों के समर्थन में लगातार आठवें दिन भी प्रदर्शन और आन्दोलन जारी रखने से न्यायालयों में कोई काम नहीं हुआ।
न्यायालय के प्रवेश द्वार पर न्यायिक कर्मचारी मुंसरिम रमेशचन्द्र मीणा, जेएम कोर्ट के रीडर सागर इंदौरिया, सहायक नाजिर दिनेश जगरिया, रीडर राजेन्द्रकुमार नायक, हेमेन्द्र आचार्य, रीडर नीलेश रावल, नारायणलाल पटेल, कृष्णपालसिंह शेखावत, सीमा मीना, नवरतन बैरवा, सतीश परमार, अनिल चौधरी, योगेशकुमार बैरवा, ज्योति चौहान, महेश चौधरी, प्रवीण अहीर के नेतृत्व में एकत्र हुए सभी कर्मचारी ढोल-नगाड़े बजाते हुए  न्यायालयों के कर्मचारियों के केडर पुनर्गठन की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन व नारेबाजी की। कर्मचारियों ने न्यायालय परिसर में न्यायिक कार्यों से पूरी तरह दूरी बनाकर अपनी मांगों को नहीं मानने तक राज्य सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन व उग्र आन्दोलन जारी रखने की चेतावनी दी। सभी चारों न्यायालयों के पीठासीन अधिकारी भी अवकाश पर थे, जिससे पेशी में नियत किसी भी पत्रावली में कोई सुनवाई नहीं हो सकी और पक्षकारों को एक कॉमन तारीख देकर रवाना कर दिया गया। बार एसोसिएशन खेरवाड़ा के अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह झाला ने भी कर्मचारियों की मांगों को  जायज बताते हुए धरना-प्रदर्शन और सत्याग्रह को उचित बताया तथा राज्य सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर तत्काल कार्यवाही कर पक्षकारों और कर्मचारियों को राहत देने की अपील की।
By Udaipurviews

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