उदयपुर। ध्यानोदय तीर्थ बलीचा में आज सुगंध दशमी पर विशेष प्रकार की संगन्धित धारा का प्रवाह हुआ। इससे धनोदय तीर्थ महक उठा।
मुख्य संयोजक ओमप्रकाश गोदावत ने बताया कि आज तीर्थ स्थल पर कामधेनु शांतिनाथ भगवान पर प्रयुषण पर्व पर के दशम के दिन सुगंध दशमी पर पूर्ण सुगंध से भरे हुए कलश का अभिषेक का सोभाग्य बी एल चित्तोड़ा एवं विश्व शंाति हेतु पूर्ण महा शांति धारा करनें का सौभाग्य विक्रम मैना ननवत एवं पार्श्वनाथ प्रभु पर अभिषेक का सौभाग्य श्रवण जैन को प्राप्त हुआ।
इसके बाद विश्व जैन इतिहास मे प्रथम बार क्रम अनुसार आयोजित हो रहे लघुु शांति नाथ जिनेन्द्र महा अर्चना का 83 वां विधान आयोजित हुआ। सांयकालीन विशेष धूप प्रभु को जीवन के अष्ठ कर्म को नाश करने हेतु धूप का सामूहिक खेवन किया गया।
इस अवसर पर गुरु माँ सुप्रकाशमति माताजी का ऑनलाइन आशीर्वाद मिला और गुरु माँ सुप्रकाशमति माताजी ने सभी को जीवों की रक्षा का संकल्प दिलाते हुए कहा कि ज़ब तक हो हर जीव की रक्षा करांे, यही सबसे बड़ा संयम है और तभी संयम धर्म की सार्थक है।
सुंगधदशमी पर धनोदय तीर्थ महका
