कांस्टेबल से हाथापाई करने पर दर्ज कराया था हत्या के प्रयास की धारा में मामला, जैन समाज कर रहा है विरोध
उदयपुर। शहर के सूरजपोल क्षेत्र में गत 8 नवम्बर को कार की तलाशी के दौरान पुलिसकर्मी से हाथापाई के बाद आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा 307 में दर्ज कराए मामले के विरोध में जैन समाज आ गया है। जिसके बाद गुरुवार को पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव ने इस मामले की जांच डिप्टी चांदमल सिंगारिया को सौंपी है। एफएसटी के जवान लोकेन्द्र ने इस मामले में भूपालपुरा निवासी कार चालक गीतांशु पुत्र वीरेंद्र सेठिया के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
जैन समाज के इस घटना में गीतांंशु के खिलाफ दर्ज मामले में हत्या का प्रयास की धारा लगाए जाने का विरोध जताया। जिसमें कहा जा रहा है कि आईपीसी की धारा 307 लगाए जाने से अदालत ने गीतांशु को जेल भेज दिया, जबकि यह मामला सामान्य कहासुनी तथा हाथापाई का था। जैन समाज का आरोप है कि जांच के लिए कार रूकवाने पर कांस्टेबल ने उनकी पत्नी के सामने दो थप्पड़ जड़ दिए थे। इसके बाद जब वह कार की डिक्की खोल रहा था, तब भी उसके साथ धक्का—मुक्की की गई। इसी में कांस्टेबल और गीतांशु दोनों गिर गए थे। जिसका सीसीटीवी फुटेज भी जैन समाज ने पुलिस अधीक्षक को बताया है। जिसमें दोनों झगड़ते दिखाई दे रहे हैं। जैन समाज ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर इस मामले में समूचे उदयपुर की जनता से आहृवान किया है कि वह पुलिस की मनमानी का विरोध करें। इधर, पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव का कहना है कि मामले की जांच डिप्टी एसपी चांदमल सिगारिया को दी है।
एफएसटी टीम के सिपाही से मारपीट का मामले की जांच डिप्टी करेंगे
