उदयपुर। श्री नाकोडा भैरव मित्र मन्डल उदयपुर के तत्वाधान में तीसरी बार उदयपुर से नाकोड़ा जी की निकला पैदल यात्रा संघ में इस बार मंगलवाड़ से शामिल पैदल यात्रियों के साथ एक श्वान भी बराबर पैदल चल रहा है।
सुधीर जैन ने बताया कि यह श्वान पैदल यात्रियों के साथ साथ पैदल चल रहा है। जहाँ जहाँ रात्रि विश्राम होता है वही वह भी विश्राम करता है। विनोद जैन ने बताया कि यह रात्रि भक्ति करते समय भी वह ध्यान से भक्ति सुनता है। जो उसको खाने को दिया जाता है समझदारी से खा लेता है। 250 से अधिक किलोमीटर की यात्रा में उसने किसी भी प्रकार से परेशान नही किया। उदयपुर से उसको वापस रवाना करने का प्रयास भी किया लेकिन उसने साथ न छोड़कर पैदल चलता रहा। अब वह नाकोड़ा जी पहुँचकर दादा के दर्शन अवश्य करेगा। पूरे रास्ते यह कौतूहल का विषय बना हुआ है कि एक पशु भी ऐसा कर सकता है।
श्री नाकोड़ा जी तीर्थ पैदल यात्रा में श्वान भी शामिल,बना कौतुहल
