– भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति ने गुंजाया नववर्ष आगमन का संदेश
– आज शहर के प्रमुख मंदिरों में महाआरती, गंगा आरती, हनुमान चालीसा पाठ
– भगवा वाहन रैली से गूंजा उदयपुर, नववर्ष के आगमन का हुआ भव्य स्वागत
उदयपुर, 18 मार्च। भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति के तत्वावधान में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत 2083 के उपलक्ष्य में आयोजित भगवा चार पहिया वाहन रैली बुधवार को उत्साह और उल्लास के साथ निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए और पूरा शहर भगवामय हो उठा।
चार पहिया वाहन रैली में आगे-आगे राष्ट्रध्वज तिरंगा लहराता हुआ चला और उसके पीछे सैकड़ों चार पहिया वाहन भगवा ध्वजों से सुसज्जित होकर भारतीय नववर्ष के आगमन का शुभ सन्देश गुंजायमान करते हुए आगे बढ़ते चले।
रैली को संतों ने भगवा ध्वज दिखाकर प्रारंभ किया। रैली महाकाल मंदिर, रानी रोड से प्रारंभ हुई, जो शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए सब-सिटी सेंटर तक पहुंची। रैली के दौरान सड़कों पर भगवा ध्वज, जयघोष और नवसंवत्सर के संदेश से वातावरण भगवामय हो गया।
रैली के मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर समाजजनों द्वारा स्वागत किया गया। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर रैली का अभिनंदन किया गया, जिससे पूरे शहर में उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला।
रैली में युवाओं का विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में युवा भगवा ध्वज के साथ वाहन रैली में शामिल हुए और भारतीय नववर्ष के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।
समिति के संयोजक डॉ. परमवीर सिंह दुलावत ने बताया कि इस वाहन रैली का उद्देश्य भारतीय नववर्ष के प्रति समाज में जागरूकता लाना और “पंच परिवर्तन” के संदेश को प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि 22 मार्च को होने वाली धर्मसभा में संत-महात्माओं का सानिध्य प्राप्त होगा तथा सायंकाल सांस्कृतिक कार्यक्रम में रेपरिया बालम फेम अशोक मंडा विश्नोई की प्रस्तुति भी होगी।
उन्होंने बताया कि 19 मार्च को शहर की 73 बस्तियों के प्रमुख मंदिरों में महाआरती, गंगा आरती, हनुमान चालीसा पाठ सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
यह भी होंगे आयोजन
20 मार्च – चेटीचंड पर्व की शोभायात्रा में सहभागिता
21 मार्च – प्रमुख मंदिरों में शंखनाद एवं घोष वादन
22 मार्च – भव्य शोभायात्रा, धर्मसभा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
पंच परिवर्तन संकल्प
-भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति द्वारा इस वर्ष नव संवत्सर उत्सव को “पंच परिवर्तन” के संकल्प के साथ मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और भारतीय जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना है।
* स्व का भाव – अपनी संस्कृति, इतिहास, परंपरा और भारतीय ज्ञान पर गर्व का भाव जागृत करना।
* सामाजिक समरसता – समाज के सभी वर्गों में एकता, समानता और सद्भाव को बढ़ावा देना।
* पर्यावरण संरक्षण – प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए जल, वृक्ष और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना।
* कुटुंब प्रबोधन – परिवार में संस्कार, नैतिकता और पारिवारिक एकता को सुदृढ़ करना।
* नागरिक कर्तव्य – राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहकर समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना।
