उदयपुर, 17 मार्च। बाल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का अध्ययन करने हेतु उदयपुर दौरे पर आए यूनिसेफ के उच्च अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव श्रीवास्तव से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उदयपुर पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल, राजसमंद पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल भी उपस्थित रहे। यूनिसेफ के प्रतिनिधिमण्डल में यूनिसेफ भारत की चीफ मिलन किड़ाने, यूनिसेफ से मेन्टल हेल्थ स्पेशलिस्ट ज्योति, यूनिसेफ राजस्थान के प्रमुख लक्ष्मी नरसिम्हाराव, बाल संरक्षण विशेषज्ञ संजय कुमार निराला, बाल संरक्षण अधिकारी हिमाली लेउवा, उदयपुर रेंज की बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत शामिल रही। इस अवसर पर अधिकारियों ने क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा एवं उनके समग्र विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बाल अधिकारों की रक्षा, बाल श्रम उन्मूलन तथा बाल अपराध एवं साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। पुलिस महानिरीक्षक श्रीवास्तव ने यूनिसेफ के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों के संरक्षण और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। बाल संरक्षण के लिए यूनिसेफ रेंज स्तर पर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ के सहयोग से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से पुलिस विभाग अपने अधिकारी-कार्मिक एवं जुड़ी अन्य इकाईयां यथा सुरक्षा सखी, पुलिस मित्र, ग्राम रक्षक आदि के क्षमतावर्द्धन के साथ उन्हें नवीन प्रावधानों के संबंध में समय समय पर जागरूक करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने रेंज स्तर पर यूथ सीएलजी को कौशल से जोड़ने हेतु किये जा रहे नवाचार और बांसवाड़ा में सड़क सुरक्षा जागरूकता पर संचालित अभिनव पहल और हाल ही में साइबर सुरक्षा जागरूकता पर करवाए गये प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी भी यूनिसेफ के अधिकारियों को दी और ऐसे कार्यक्रमों के सतत आयोजन के लिए यूनिसेफ को कार्ययोजना बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस विभाग बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
’यूनिसेफ के उच्च अधिकारियों की आईजी से शिष्टाचार भेंट’
