कलक्टर ताराचंद मीणा ने ली जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक

कहा- ग्राम्यजनों को अनूठी राहत देगी राजस्थान ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना
उदयपुर, 3 फरवरी। जिला कलक्टर ताराचंद मीणा ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई राजस्थान ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है और उदयपुर अंचल की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए ग्राम्यजनों के लिए बड़ी राहत देगी। कलक्टर मीणा शुक्रवार को जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। कलक्टर मीणा ने योजना के प्रावधानों को ग्रामीणों तक पहुंचाने की उपयुक्त व्यवस्थाएं करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले के अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को योजनान्तर्गत लाभाविन्त करने के लिए विभाग अपनी कार्ययोजना तैयार कर उसे क्रियान्वित करें ताकि सरकार की मंशाएं पूर्ण हो सकें। उन्होंने ऋण योजना के तहत ग्रामीणों को राहत देने के लिए न्यूनतम औपचारिकताओं के साथ ऋण प्रक्रिया को संपूर्ण करवाने के निर्देश भी दिए।
अकृषि कार्यों के लिए मिलेगा सहकारी बैंकों से 2 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण:
बैठक के दौरान केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबन्ध निदेशक आलोक चौधरी ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के ग्रामीण परिवारांे की आजीविका में वृद्धि हेतु कृषि कार्यो के अतिरिक्त अकृषि कार्य यथा- हस्तशिल्प, लघु उघोग, कताई-बुनाई, रंगाई-छपाई आदि कार्यों के लिए 2 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण केन्द्रीय सहकारी बैंकों, राष्ट्रीकृत बैंकांे, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक एवं स्मॉल फाइनेंस बैंक द्वारा अग्रिम किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना में लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक विगत 5 वर्ष से ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत होना चाहिए। योजनान्तर्गत अन्य पात्रता मापदण्डों की पूर्ति करने वाले लघु एवं सीमान्त कृषक तथा भूमिहीन श्रमिक जो कि किराएदार, मौखिक पट्टेदार, बटाईदार आदि के रूप में काश्त कर रहे हैं, के परिवार भी पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त ग्रामीण दस्तकार तथा अकृषि कार्याें में जीवनयापन करने वाले ग्रामीण परिवार के सदस्य भी पात्र हांेगे। योजनान्तर्गत संपूर्ण ऋण साख सीमा के रूप में स्वीकृत किया जावेगा जिसका प्रतिवर्ष नवीनीकरण करवाया जावेगा।
48 प्रस्तावों का हाथों-हाथ हुआ अनुमोदन:
चौधरी ने बताया कि ऋण आवेदन के साथ आवेदक से कोई प्रोसेसिंग फीस चार्ज नहीं की जाएगी। राजीविका के स्वयं सहायता समूहांे, उत्पादक समूहों, व्यवसायिक समूहों के व्यकितगत सदस्यों को भी योजनान्तर्गत ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। एक परिवार से एक ही सदस्य को योजनान्तर्गत ऋण दिया जाएगा। बैठक में केन्द्रीय सहकारी बैंक, उदयपुर की विभिन्न शाखाआंे से प्राप्त 48 ऋण प्रस्तावों पर चर्चा कर ऋण योजना में लाभ देने की अनुंशषा की गई। बैठक में एसीईओ विनय पाठक,कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक माधोसिह चंपावत, जिला उद्योग केन्द्र के चौखाराम, पशुपालन विभाग की डॉ सरोज मीणा, राजीविका डीपीएम अनिल पहाडि़या, मनोज मीणा आदि मौजूद थे।

By Udaipurviews

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