कलक्टर ने मेवाड़ के जंगलों में लगने वाली आग पर दिखाई गंभीरता

वन विभागीय अधिकारियों को सतर्क रहने के दिए निर्देश
कहा-जंगलों की आग से वन्यजीवों को होता बड़ा नुकसान
उदयपुर, 17 अप्रेल। ग्रीष्म ऋतु में मेवाड़ के जंगलों में लगने वाली आग और इससे प्राकृतिक संपदा को होने वाले नुकसान के प्रकरणों पर जिला कलक्टर ताराचंद मीणा सोमवार को काफी गंभीर दिखाई दिए। उन्होंने इन दिनों जिले में विभिन्न वन क्षेत्रों में लगने वाली आग के प्रकरण पर सोमवार को वन विभाग के अधिकारियों की एक विशेष बैठक ली और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए।
बैठक को संबोधित करते हुए कलक्टर मीणा ने कहा कि जंगलों की आग से बड़ी संख्या में वन्य जीव झुलस जाते हैं और कई छोटे-बड़े वन्यजीवों का जीवन भी खतरे में पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि इससे हमारे समृद्ध जैव विविधता वाले वनों की प्राकृतिक संपदा को भी बड़ा नुकसान होता है। कलक्टर ने कहा कि जंगलों की आग को त्वरित गति से बुझाने के लिए आवश्यक संसाधनों को तैयार रखते हुए टीमों का गठन किया जाए। आग लगने पर हर हर कार्मिक सतर्क रहे और इस बारे में ग्रामीणों को भी  जागरूक किया जावें।
इस दौरान उन्होंने डीएफओ मुकेश सैनी और सुपांग शशि से वन क्षेत्रों की आग के बारे में फीडबैक लिया। जिसमें अधिकारियों ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में इस बार अब तक न्यूनतम वन क्षेत्रों में आग के मामले आए हैं क्योंकि इस बार समयांतराल में बारिश होती रही है।
एफएसआई से आता है आग का अलर्ट:
डीएफओ मुकेश सैनी ने बताया कि जिले में 300 स्कवायर फिट से अधिक की आग किसी भी वन क्षेत्र में लगती है तो देहरादून स्थित फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफएसआई) से तत्काल संबंधित वन नाका प्रभारी, फोरेस्टर और डीएफओ तक अलर्ट आ जाता है और तत्काल इसे बुझाने के लिए कार्यवाही की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि जंगलों को आग से बचाने के लिए फायर लाईन बनाकर संबंधित वन क्षेत्रों के निवासी फायर वॉचर्स भी लगाए गए हैं।
कलक्टर ने ली सीएम बजट घोषणा प्रोजेक्ट की जानकारी:
बैठक दौरान कलक्टर मीणा ने गत दिनों बर्ड पार्क के लोकार्पण समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा की गई घोषणा पर वन क्षेत्रों की आग को बुझाने के लिए की गई घोषणा पर की गई कार्यवाही के बारे में भी जानकारी ली। डीएफओ सैनी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर उदयपुर संभाग के जंगलों की आग को बुझाने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों व प्रशिक्षण के इस प्रोजेक्ट के तहत वन विभाग ने 15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। इस प्रोजेक्ट की स्वीकृति होने पर संभाग के जंगलों की आग को बुझाने के लिए अत्याधुनिक उपकरण प्राप्त होंगे वहीं आग बुझाने के लिए वन विभागीय कार्मिकों व संबंधित ग्रामीणों को आग बुझाने के अत्याधुनिक तरीकों के बारे में प्रशिक्षित भी किया जाएगा। इस दौरान कलक्टर ने डीएमएफटी फंड से भी स्वीकृत 50 लाख रुपयों के बजट के बारे में भी जानकारी ली और इस पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।

By Udaipurviews

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