उदयपुर, 23 अगस्त। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा नित नए नवाचार करते हुए शिल्पग्राम परिसर में बुधवार को तीन दिवसीय कोलाज सृजन कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला के विशेषज्ञ डॉ. श्रीनिवासन अय्यर ने विद्यार्थियों को कोलाज मेकिंग के बारे में जानकारी दी।
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर की निदेशक श्रीमती किरण सोनी गुप्ता ने बताया कि हर बच्चे में कला छुपी हुई होती है और जब कोई पारखी गुणीजन उनका मार्गदर्शन करता है तो उनकी कला निखर आती है, जो उनको संतोष देती है। सांस्कृतिक केन्द्र हमेशा नवाचार करता रहा है और यह कार्यशाला इसी कड़ी का एक हिस्सा है।
कोलाज कला के विशेषज्ञ डॉ. श्रीनिवासन अय्यर ने बताया कि कोलाज आत्मिक आनन्द देती है। प्रोफेसर अय्यर ने जिज्ञासुओ को कोलाज कला कि पूरी जानकारी देते हुए बताया कि चित्रकारी, मूर्ति कला, फोटोग्राफी, म्यूरल कलाओं के अलावा कोलाज कला, चाक्षुष कला का एक महत्वपूर्ण माध्यम है जिसमें सृजनकार पुरानी पत्रिकाओं के पन्नों को फाड़कर सपाट कागज़ या केनवास पर अपनी रूचि के आधार पर चिपकाकर कलाकृति का सृजन करता है।
इस कार्यशाला में शहर के 20 युवा कलाकार और अभिलाषा स्कूल के दस विशेष विध्यार्थी प्रोफेसर अय्यर द्वारा इस कला की बारीकियां सीख रहे हैं। विभिन्न विषयो पर कलाकृतियों का स्रजन कर रहे है जेसे कि हेप्पिनेस, फील, यूनिटी, कल्चर, शांति, संगीत, नेचर इत्यादि । यह तीन दिवसीय कार्यशाला 25 अगस्त तक चलेगी।
शिल्पग्राम में कोलाज सृजन कार्यशाला की शुरूआत
