भीलवाडा, 18 अप्रैल। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार बाबत् अभियान चलाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके अन्तर्गत जिला सेशन न्यायाधीश अध्यक्ष श्री अजय शर्मा के निर्देशानुसार मंगलवार को माहेश्वरी पब्लिक स्कूल में रैली के माध्यम से जागरूकता संन्देश दिया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्री राजपाल सिंह ने छात्राओं की रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। सचिव श्री राजपाल सिंह ने बताया कि इस रैली का उद्ेदश्य आमजन में लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में चल रहे राजीनामा योग्य मुकदमों को आपसी समझाईश से लोक अदालत की भावना से करने हेतु जागरूक कर प्रेरित करना रहा साथ ही रालसा द्वारा आखातीज एवं पीपल पूर्णिमा जैसे बडे शादी के सावों पर छोटे मासूम बच्चों की शादियां करवायी जाती है जिसके उन बच्चों को एवं समाज को दूरगामी दुष्प्रभाव पड़ते है। जिस कारण बच्चों एवं समाज का विकास नहीं हो पाता है।
छात्राओं की रैली विद्यालय से रामधाम रोड़, कुम्भासर्किल रोड़, स्वास्तिक गार्डन, तथा डी-सेक्टर आजाद नगर की रिहायशी कॉलोनी से होकर निकली, रैली में छात्राओं के हाथों में बाल विवाह प्रतिषेध एवं लोक अदालत के स्लोगन लिखी तख्तियों, पम्पलेट एवं बैनर थे।
माहेश्वरी पब्लिक स्कूल संस्था के सचिव राजेन्द्र कचौलियां ने बताया कि छात्राओं को ऐसा माध्यम बताया जिससे बाल विवाह प्रतिषेध एवं लोक अदालत की भावना का प्रचार प्रसार बहुत आसानी से और प्रभावी होता है। विद्यालय की प्रिंसिपल श्रीमती अल्पा सिंह ने छात्राओं से आव्हान किया कि आप बच्चों के आस पास या जानकारी में ऐसी कोई बाल विवाह की घटना होती है तो उन्हें चुप नहीं रहना चाहिए बल्कि इसका विरोध करें एवं इसकी सूचना संबंधित विद्यालय के अध्यापकगण के माध्यम से देनी चाहिए।
रैली में जिला अभिभाषक संस्था के महासचिव श्री वेदप्रकाश पत्रियां, विद्यालय के अध्यापक एवं अध्यापिकाएं तथा 160 छात्राओं ने भाग लिया ।
जिला जन अभियोग एवं सतर्कता समिति की नियमित मासिक बैठक एवं जिला स्तरीय जनसुनवाई 20 अप्रैल को
भीलवाड़ा, 18 अप्रेल। जिला जन अभियोग एवं सतर्कता समिति की नियमित मासिक बैठक एवं जिला स्तरीय जनसुनवाइ 20 अप्रैल को प्रातः 11 बजे राजीव गांधी सेवा केन्द्र में विडियों कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से आयोजित होगी। यह जानकारी जिला जन अभियोग एवं सतर्कता समिति के सचिव ने दी।
राष्ट्रीय लोक अदालत 13 मई को – सफल बनाने हेतु अधिवक्तागण के साथ बैठक का आयोजन
भीलवाड़ा 18 अप्रेल। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के आदेशानुसार 13 मई को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल बनाने के लिए मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री अजय शर्मा ने भीलवाडा मुख्यालय के अधिवक्तागण के साथ बैठक की। उपस्थित सभी अधिवक्तागण को राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला एवं सेशन न्यायाधीश, प्राधिकरण के सचिव श्री राजपाल सिंह एवं बार अध्यक्ष श्री राजेन्द्र कचौलिया द्वारा आवश्यक चर्चा की गयी।
अध्यक्ष श्री अजय शर्मा ने राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक प्रकरणों के निस्तारण एवं राष्ट्रीय लोक अदालत सफल हो इस के लिए उपस्थित सभी अधिवक्तागण का उत्सावर्धन किया एवं मुकदमों को राजीनामे से निस्तारण के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत से पूर्व पक्षकारों मे प्री-काउंसलिंग एव मध्यस्थता से समझाईस के प्रयास हेतु चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गये।
प्राधिकरण के सचिव श्री राजपाल सिंह ने बताया गया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामा योग्य सभी प्रकृति के मुकदमो को निस्तारण ऑनलाइन के साथ साथ ऑॅफलाइन भी किया जाएगा। प्राधिकरण सचिव ने आमजन से अपील की है कि वे अपने राजीनामें योग्य मामले लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित कराये जिससे उनका धन व समय दोनों की बचत होगी।
बैठक में सुरेश श्रीमाली, गोपाल अजमेरा, के जी शर्मा, विक्रम सिंह राठोड, भोपाल गुर्जर, विशाल गुप्ता, रमेश चेचाणी, वेदप्रकाश पत्रिया, गोपाल सोनी, रामपाल शर्मा, रमेशचंद्र शर्मा, लादूलाल गुर्जर, अंशुल बंसल, राजेश शर्मा एवं अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।
मेडिकल कॉलेज में तम्बाकू नियंत्रण पर सशक्तिकरण गतिविधियां आयोजित
भीलवाडा, 18 अप्रैल। राज्य सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार राजमाता विजयाराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज में तम्बाकू नियंत्रण पर सशक्तिकरण गतिविधियां कार्यवाहक प्राचार्य एवं नियंत्रक, डॉ वर्षा अशोक सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
राजस्थान केन्सर फाउण्डेशन जयपुर के अध्यक्ष व विषय विशेषज्ञ डॉ राकेश गुप्ता ने प्रतिभागी फैकल्टी और छात्र-छात्राओं को समाज में तम्बाकू का सेवन कम करने के लिए बताया कि जहरीला तम्बाकू किस प्रकार संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करता है और किस प्रकार इस व्यसनी पदार्थ को छुडवाने से हर तम्बाकू उपभोगी (रोगी) को लाभान्वित किया जा सकता है। उन्होनें यह भी बताया कि किस प्रकार तम्बाकू नियंत्रण में मेडिकल कॉलेज जिला स्तर पर सहभागिता कर जिले में तम्बाकू नियंत्रण को मजबूती दे सकते है।
कार्यक्रम की शुरूआत में सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ शलभ शर्मा ने बताया कि भारत में प्रतिदिन लगभग 4000 व्यस्क भारतीय तम्बाकू जनित रोगों से मर जातें हैं ।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ घनश्याम चावला ने जिलें में जारी तम्बाकू नियंत्रण गतिविधियों की जानकारी दी। इस जागरूकता गतिविधी के पश्चात सामुदायिक स्वास्थ्य, मनोचिकित्सक व मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्षों के अतिरिक्त अन्य फैकल्टी सदस्यों के साथ मेडिकल कॉलेज में एक तम्बाकू उपचार केन्द्र को स्थापित कर सुचारू रूप से चलाने के लिए गहन विचार-विमर्श किया गया व सभी चिकित्सकों को क्रमिक रूप से प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया। इस केन्द्र को वार्षिक विश्व तम्बाकू निषेध दिवस से सभी तम्बाकू उपभोगी रोगियों के लिए शुरू कर दिया जायेगा ।
कार्यक्रम के अंत में पीएमओं डॉ अरूण गौड़ ने अपने सतत् योगदान देने हेतु सहमति दी तथा धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया ।
