बाल विवाह भारत की संस्कृति नहीं: उत्तम स्वामी

चित्तौड़गढ़ 19 जनवरी बाल विवाह भारत देश की संस्कृति नहीं रही हैं, यह समय परिस्थितियों के कारण हमारी बहनों की अस्मिता आक्रांताओं से सुरक्षित  रखने के लिए किया जाने लगा।
पूज्य उत्तम स्वामी जी महाराज ने चित्तौड़गढ़ में भागवत कथा पांडाल में बाल विवाह निषेध जागरूकता पोस्टर विमोचन करते हुए कहा कि
वर्तमान में देश की परिस्थितिया बदल गई है अब देश की सीमाओं के साथ साथ प्रत्येक देशवासी की अस्मिता और स्वाभिमान को कोई खतरा नहीं है। ऐसे सुखद वातावरण में बाल विवाह जैसी कुरीति को जड़ से मिटाना हैं और हमारी बेटियों के लिए उनके सर्वांगीण विकास के  जो अवसर देश में उपलब्ध हैं उनका सदुपयोग करके उनके सुखद भविष्य के लिए मार्गप्रशस्त करना है।
उन्होंने कहा कि संतों का हैं आव्हान , बाल विवाह मुक्त हो हिंदुस्तान । इस हेतु हम सभी को प्रण लेना होगा कि हमारे गांव आस पड़ोस में कोई बाल विवाह नहीं हो ।
भगवती सेवा एवं शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष राम गोपाल ओझा ने बताया कि जिला कलेक्टर आलोक रंजन के निर्देशानुसार बाल अधिकारिता विभाग के सहयोग से बाल विवाह निषेध भारत के 100 दिवसीय अभियान के तहत पोस्टर विमोचन एवं संत आव्हान कार्यक्रम आयोजित किया गया इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश चन्द्र, गजेन्द्र सिंह, चंद्रशेखर, त्रिलोक चंद्र,पूर्व विधायक बद्री लाल जाट बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ओम प्रकाश तोषनीवाल, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा,सनातन गौरव समिति चित्तौड़गढ़ के संयोजक प्रवीण  टांक,सहसंयोजक  शैलेंद्र  झंवर, राजेंद्र कुमार गगरानी विश्वनाथ टांक, दीपक वर्मा, पंकज सेन, देवी सिंह राव, कैलाश गुर्जर, सामरी लोकेश सोनी,चाइल्ड हेल्प लाइन के समन्वयक नवीन काकड़दा, करण जूनवाल, सीमा राजोरा आदि उपस्थित रहे।

By Udaipurviews

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