मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली वीसी,
मीडिया मॉनिटरिंग, पेड न्यूज एवं अन्य विषयों के संदर्भ में की चर्चा दिए आवश्यक निर्देश
उदयपुर, एक अप्रैल। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने सोमवार को राज्य के समस्त निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित मीडिया प्रकोष्ठ प्रभारी अधिकारियों की वीसी के माध्यम से बैठक ली। बैठक में चुनाव के दौरान मीडिया एवं सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी को लेकर चर्चा हुई एवं आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गए।
इस दौरान फेक न्यूज़ चिन्हित करने, फेक न्यूज की रोकथाम, फेक न्यूज की रोकथाम में पुलिस-प्रशासन की भूमिका तथा एसओपी के बारे में चर्चा हुई। सीईओ गुप्ता ने कहा कि सभी जिलों में संबंधित अधिकारी चुनाव से संबंधित फैलाई जाने वाली फेक न्यूज के विषयों के संबंध में पूर्व तैयारी रखें साथ ही ऐसी खबरों की रोकथाम हेतु क्या कार्रवाई की जा सकती है इसकी भी पूर्व तैयारी रखें।
इस अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी अधिकारी डॉ रेनू पूनिया ने विस्तार से फेक खबरों, भड़काऊ कंटेंट्स तथा अन्य विषयों के बारे में जानकारी दी, उन्होंने फ्लोचार्ट तथा एसओपी के माध्यम से बिंदुवार जानकारियां साझा की।
वीसी के दौरान सीईओ गुप्ता ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा फेक न्यूज की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी ली। इस दौरान डीएनएमएस रिपोर्टिंग, पेड न्यूज, एग्जिट पोल, ओपिनियन पोल आदि विषयों पर चर्चा हुई एवं सीईओ गुप्ता द्वारा आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए।
राज्य में 19 अप्रैल 2024 से 1 जून 2024 तक लगा एग्जिट पोल पर पूर्ण प्रतिबंध
भारत निर्वाचन आयोग ने 19 अप्रैल को सुबह 7 बजे से लेकर 1 जून की शाम 6.30 बजे तक के लिए एक्जिट पोल पर रोक लगा दी है। इस दौरान देश भर में सभी लोकसभा क्षेत्रों में एग्जिट पोल का प्रकाशन और प्रसारण प्रतिबंधित रहेगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार राजस्थान सहित अन्य चुनाव वाले सभी राज्यों में मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व तक ओपिनियन पोल या अन्य पोल सर्वे के प्रसारण पर प्रतिबंध रहेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि अधिसूचना के अनुसार एग्जिट पोल करना और एग्जिट पोल के परिणामों को समाचार पत्रों में प्रकाशित या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रसारित करना अथवा अन्य किसी तरीके से प्रचार-प्रसार करने पर भी पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी ओपिनियन पोल या किसी अन्य प्रकार के मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी निर्वाचन मामले का प्रदर्शन 48 घंटों की अवधि जो इन चुनावों के संबंध में मतदान के समापन के लिए नियत घंटों के साथ समाप्त हुई हो, तक के लिए रोक रहेगी। भारत निर्वाचन आयोग ने जनप्रतिनिधि कानून 1951 की धारा 126 ए की उपधारा (1) के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल को इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट मीडिया के जरिए या अन्य तरीके से प्रसारित करने पर प्रतिबंध लगाया है।
लोकसभा आम चुनाव 2024
चुनावी गतिविधियों में बालकों का उपयोग नहीं करने के निर्देश
उदयपुर, एक अप्रैल। भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा आम चुनाव-2024 की चुनावी गतिविधियों में बालकों का उपयोग नहीं करने के निर्देश प्रदान किये हैं। बाल श्रम अधिनियम 1986 बच्चों के कार्य की स्थितियों को विनियमित करने और कानून के उल्लंघन पर दण्ड का प्रावधान करता है।
आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचन मशीनरी को निर्वाचन संबंधी किसी भी कार्य गतिविधि में बाल श्रम की भागीदारी को रोकना चाहिए। राजनैतिक दलों, उम्मीदवारों एवं उनके अभिकर्ताओं आदि निर्वाचन संबंधी किसी भी कार्य या गतिविधि में बाल श्रम की भागीदारी को रोकना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बाल श्रम अधिनियम के संशोधित अधिनियम 2016 के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है साथ ही राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के विद्यमान दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करनी होगी। राजनैतिक दलों को किसी भी रूप में चुनाव अभियान, रैली, पोस्टर, पम्पलेट वितरण, नारेबाजी, चुनावी बैठकों आदि में बालकों का उपयोग नहीं करने हेतु निर्देशित किया गया है।
राजनैतिक नेताओं, उम्मीदवारों को किसी भी रूप में बालक को गोद में लेने, बालक को अपने वाहन में ले जाने या बालक को चुनाव अभियान, रैली का हिस्सा बनाने, चुनाव अभियान, चुनाव प्रचार आदि में बालकों का उपयोग नहीं करना चाहिए।
