थानेदार ने बेटे के जरिए ली थी साढ़े चार लाख रुपए की घूस
उदयपुर : साढ़े चार लाख रुपए की रिश्वत के मामले में फरार चल रहे फतहनगर थानाधिकारी सुरेश चंद मीणा और हैड कांस्टेबल महावीर प्रसाद को उदयपुर रैंज के पुलिस महानिरीक्षक अजयपाल लाम्बा ने शुक्रवार को निलंबित कर दिया। दोनों आठ दिन से फरार चल रहे हैं और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।
मिली जानकारी के अनुसार आईजी उदयपुर ने शुक्रवार को जारी आदेश में घूसखोर के आरोपी थानाधिकारी तथा हैड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया। जारी आदेश में बताया गया कि मादक द्रव्य की तस्करी के मामले से जुड़े एक केस में फतहनगर के थानाधिकारी सुरेश चंद एवं डबोक थाने के हैड कॉन्स्टेबल महावीर प्रसाद द्वारा शिकायतकर्ता से ही घूस लेने का कृत्य बेहद गंभीर है। इनकी मिलीभगत सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। गत 24 नवम्बर को एसीबी ने फतहनगर थानाधिकारी के लिए रिश्वत लेने वाले उनके बेटे सौरभ मीणा को साढ़े चार लाख रुपए के साथ गिरफ्तार किया था। उस दौरान थानाधिकारी सुरेश चंद चुनाव ड्यूटी में थे और रिश्वत लेने अपने बेटे को भेजा था।
हैड कांस्टेबल कराई थी रिश्वत की डील, मांगे थे आठ लाख रुपए
एसीबी सूत्रों ने बताया कि शहर के नजदीकी डबोक थाने में पांच महीने पहले मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। जिसकी जांच फतहनगर थानाधिकारी सुरेश चंद को सौंपी गई थी। डबोक थाने के हैड कांस्टेबल महावीर प्रसाद ने इस मामले में कार्रवाई नहीं करने के एवज में आठ लाख रुपए की रिश्वत को लेकर डील पक्की कराई थी। जिसके लिए थानाधिकारी ने मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति को ही परेशान करना शुरू कर दिया, ताकि वह रिश्वत देने को मजबूर हो जाए।
आठ दिन से फरार घूसखोर थानेदार और हैड कॉन्स्टेबल सस्पेंड
