उदयपुर, 27 अक्टूबर। जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन, मृत्यु के कारणों के चिकित्सकीय प्रमाणीकरण योजना एवं न्यादर्श पंजीयन के आंकड़ों के विश्लेषण के संबंध में बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जनगणना कार्य निदेशालय के संयुक्त महारजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) एवं निदेशक बिष्णुचरण मल्लिक की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में मल्लिक ने बताया कि जन्म-मृत्यु रेजिस्ट्रेशन के आंकडे केवल जन्म-मृत्यु की घटनाओं की गणना करना ही नहींं है अपितु जन्म-मृत्यु के आंकडे केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा बनाई जाने वाली जनकल्याणकारी योजनाओं का मुख्य आधार है। उन्होंने कहा कि मृत्यु की प्रत्येक घटना का चिकित्सकीय प्रमाणीकरण नितांत आवश्यक है, जिससे सरकार को यह मालूम हो सके की किस विशेष क्षेत्र में कौनसी बीमारी से ज्यादा मौतें होती है, ताकि उसी से संबंधित चिकित्सकों की नियुक्ति की जा सके और बीमारी पर नियंत्रण करने मे मदद मिल सके।
अब जनगणना मोबाइल एप से भी होगी
मल्लिक ने बताया कि पहली बार डिजिटल जनगणना प्रारंभ की जा रही है। इसके तहत मोबाइल एप के माध्यम से डाटा एन्ट्री कर आवेदन किया जा सकेगा। घर पर आने वाले जनसंख्या प्रगणक को उसकी रसीद दिखानी होगी जिसके आधार पर वह अपने रिकॉर्ड में उसे दर्ज कर लेगा।
उन्होंने कहा कि राजस्थान पूरे देश में जन्म व मृत्यु पंजीयन में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान बना पाया है। राज्य में जन्म व मृत्यु पंजीकरण प्रक्रिया बेहद आसान है, जिससे आमजन को अपने जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में आसानी रहती है। उदयपुर जिला पूरे राजस्थान में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जिलों में शुमार है उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में मृत्यु व जन्म पंजीकरण में शत प्रतिशतता सुनिश्चित करने के लिए बेहतर प्रयास किए जाएं। देश की सभी नीतियां जनगणना पर आधारित होती हैं इसलिए इस कार्य में किसी प्रकार की चूक नहीं हो। किसी भी हाल में फर्जी प्रमाण पत्र जारी ना हो, इसका विशेष ध्यान रखा जावे।
उन्होंने प्रमाण पत्र जारी करने से पहले सभी दस्तावेजों की जांच करने, जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन के लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करने एवं सभी मृत्यु के एमसीसीडी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ सामूहिक प्रयास करने चाहिए। बैठक में जिला कलक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल ,मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलोनी खेमका, सहायक निदेशक कल्पेश गुप्ता जनगणना निदेशालय एवं उपनिदेशक भवर लाल आमेटा, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
राजकीय बालिका संप्रेक्षण गृह, बालिका गृह एवं नारी निकेतन का औचक निरीक्षण
उदयपुर, 27 अक्टूबर। माननीय सदस्य सचिव राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वावधान में श्रीमान अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर के निर्देशों के क्रम में प्राधिकरण सचिव एडीजे कुलदीप शर्मा व प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारियों ने राजकीय बालिका संप्रेक्षण गृह, बालिका गृह एवं नारी निकेतन का औचक निरीक्षण किया।
एडीजे शर्मा ने बताया कि राजकीय बालिका संप्रेक्षण गृह, बालिका गृह में विधि से संघर्षरत बालिकाओं को दिये जा रहे खाने, चिकित्सा, निःशुल्क विधिक सहायता एवं अन्य समस्त सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। राजकीय किशोर गृह में प्रदान की जा रही समस्त सुविधाओं की जांच की और निर्देश दिए कि जो बालिकाएं परिवार में पुनर्वासित हो सकती है उनके परिवार का पता लगाया जाकर काउंसलिंग करते हुए पुनर्वसित किया जाए। साथ ही नारी निकेतन में आवासित महिलाओं को राज्य सरकार द्वारा दी जा रही समस्त सुविधाओं की जांच की गई । निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जाकर जयपुर स्थित उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी।
विश्व पर्यटन दिवस पर राजकीय संग्रहालय आहड में विविध आयोजन
उदयपुर, 27 अक्टूबर। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा राजकीय संग्रहालय आहड़ में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राजकीय संग्रहालय में जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ उदयपुर के निदेशक डॉ. जीवन सिंह खडकवाल, अधीक्षक सोहनलाल चौधरी, पर्यटन उप निदेशक शिखा सक्सेना, संग्रहाध्यक्ष हिमांशु सिंह एवं स्थानीय कलाकार उपस्थित रहे। धरोहर चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर धरोहर चित्र प्रदर्शनी, पेटिंग कार्यशाला, विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम में उदयपुर एवं चितौडगढ़ आर्ट सोसायटी के कलाकारों ने सहयोग प्रदान किया। विश्व पर्यटन दिवस के तहत आगामी 2 अक्टूबर गाँधी जयंती तक विभिन्न कार्यक्रमों होंगे। संग्रहालय में देशी विदेशी पर्यटको के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया। अधीक्षक ने सभी का आभार जताया।
केन्द्रीय अतिरिक्त सचिव 29 को उदयपुर में
उदयपुर, 27 सितंबर। कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव व वित्तीय सलाहकार संजीव कुमार 29 सितंबर को दोपहर में वायुयान से उदयपुर आएंगे। वे 29 व 30 सितंबर तथा 1 अक्टूबर को फिल्ड विजिट करेंगे और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे। वे 2 अक्टूबर की दोपहर वायुयान से दिल्ली के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।
