उदयपुर :आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत साबित कर रही हैं और व्यापार भी इसका अपवाद नहीं है। वित्तीय स्वतंत्रता की इच्छा और काम-जीवन में संतुलन बनाए रखने की आकांक्षा ने कई महिलाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित किया है। महिलाओं के लिए व्यापार के अवसर अनंत हैं – ऑनलाइन रिटेल, डिजिटल मार्केटिंग, हेल्थ और वेलनेस कोचिंग, टिफिन सर्विस और बेकरी जैसे नए विचार न केवल लाभदायक हैं बल्कि समाज को नई दिशा भी देते हैं।
सरकार भी महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा लोन योजना, अन्नपूर्णा योजना और महिला उद्यम निधि जैसी योजनाओं से सहायता प्रदान कर रही है।
इसी कड़ी में बिजनेस सर्कल इंडिया (बीसीआई ) महिलाओं के लिए एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है। यह मंच न केवल बिज़नेस अवसर प्रदान करता है, बल्कि नेटवर्किंग, मार्गदर्शन और आत्मनिर्भरता की राह पर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर भी देता है।
बीसीआई जयपुर प्रेजिडेंट प्रीती सक्सैना ने कहा मीटिंग में बताया कि – “बहुत सी महिलाएँ घर-परिवार की जिम्मेदारियों, सीमित शिक्षा या संसाधनों की वजह से अपने सपनों को पूरा नहीं कर पातीं। लेकिन हर महिला में एक अद्भुत क्षमता होती है, बस उसे दिशा और अवसर की आवश्यकता होती है।
बीसीआई महिलाओं को वही अवसर और सही दिशा देने का कार्य कर रहा है। ये एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो महिलाओं को उनके हुनर और विचारों को पहचान दिलाने के साथ-साथ व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सही पहचान और मार्गदर्शन देता है। यह मंच केवल बिज़नेस का नहीं, बल्कि सपनों को हकीकत में बदलने का ही काम करता है।”
सपनों को उड़ान देने वाला मंच
बीसीआई जयपुर की प्रेजिडेंट का आह्वान – “आपके पास कोई भी हुनर हो, छोटा या बड़ा विचार हो, बीसीआई उसे आगे बढ़ाने में आपकी मदद करेगा। अब समय आ गया है कि महिलाएँ अपने भीतर की बिज़नेस वूमन को पहचानें और बीसीआई के इस प्लेटफॉर्म का हिस्सा बनकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ाएँ।”
महिलाओं में निवेश करना समाज और अर्थव्यवस्था दोनों को गति देता है। शिक्षा, प्रशिक्षण और सही अवसरों के साथ महिलाएँ न केवल अपने लिए, बल्कि देश के लिए भी नई ऊँचाइयाँ हासिल कर सकती हैं। जैसा कि बीसीआई का संदेश है – “सपने आपने देखें हैं, उड़ान हम देंगे। ऊंचाई आप छुएंगे, खुशियां हम महसूस करेंगे।”
