कोटाक्षय रोग दिवस (टी.बी. दिवस) के अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय कोटा द्वारा टी. बी मुक्त समाज के लिए राजकीय बीटीसी संस्थान, कोटा में जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रचार सहायक प्रेम सिंह यादव ने बताया कि टीबी (तपेदिक) एक संक्रामक रोग है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया के कारण फैलता है और मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह रोग हवा के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, सही उपचार और जागरूकता से ही टीबी से बचाव संभव है।
उन्होंने कहा कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी आना, बलगम में खून आना, बुखार, रात में पसीना, वजन कम होना टीबी के मुख्य लक्षण हैं, ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराना आवश्यक है।
संस्थान के प्राचार्य एवं सहायक निदेशक कैलाश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि टीबी का पूर्ण उपचार संभव है, बशर्ते मरीज दवाओं का पूरा कोर्स नियमित रूप से ले। उन्होंने बचाव के लिए खांसते-छींकते समय मुंह ढकने, मास्क का सही उपयोग करने, संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखने तथा बच्चों को बीसीजी टीकाकरण कराने की सलाह दी।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई एवं प्रतियोगिता के विजेताओं को विभाग की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
