उदयपुर। शहर के निकट ओड़ा स्थित रेलवे ब्रिज विस्फोट के मामले में घटना के 85 दिन बाद एटीएस ने उदयपुर की अदालत में गुरुवार को चार्जशीट दायर की है। 1173 पन्नों की चार्जशीट में 12 आरोपी शामिल हैं, जिनमें से 6 आरोपी पिता—पुत्र हैं।
चार्जशीट में एटीएस ने बताया कि आरोपित बिहारी लाल और अंकुश ने सुरेश उपाध्याय से विस्फोट खरीदा था। बिहारी लाल और अंकुश पेट्रोलियम ओंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन के नाम से विस्फोटक को माइंस पर बेचने का दावा कर रहे थे, लेकिन विस्फोटक माइंस पर काम में नहीं लिए जा रहे थे। इसे अवैध रूप से बेचा जा रहा था।
एटीएस ने 12 जनों को बनाया आरोपी
रेलवे ब्रिज विस्फोट के मामले में एटीएस ने 12 जनों को आरेापी बनाया है। इनमें 6 पिता और पुत्र शामिल हैं। आरोपियों में बिहारी लाल सुहालका और उसका बेटा अंकुश, भरतराज सेन और उसका बेटा अक्षय, लोकेश सोनी और उसका बेटा अमित शामिल है। जबकि धमाके के मामले में धूलचंद मीणा, उसका भतीजा प्रकाश मीणा और एक बाल अपचारी शामिल है। साथ ही बिहारी लाल और उसके बेटे को विस्फोटक उपलब्ध कराने के मामले में सुरेश उपाध्याय, अशोक मीणा व देवेन्द्र डांगी को आरोपी बनाया गया है। इसमें धूलचंद और प्रकाश मीणा अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है, जबकि बाकी उदयपुर की सेंट्रल जेल में। बाल अपचारी बाल संप्रेषण गृह में है। गुरुवार को दायर चार्जशीट के दौरान 11 आरोपितों की पेश जिला एवं सत्र न्यायालय में जबकि नाबालिग की पेशी किशोर न्यायालय में हुई।
47 गवाहों के बयान लिए गए
एटीएस की ओर से दायर चार्जशीट में 47 गवाहों का जिक्र किया गया है और बताया गया कि सभी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। इसके अलावा 260 पन्नों में सबूतों से जुड़े दस्तावेज सौंपे गए हैं। जबकि 86 पन्नों में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है।
पिछले साल 12 नवम्बर को रेलवे लाइन पर हुई थी ब्लास्ट की घटना
उदयपुर—अहमदाबाद रेलवे लाइन के बीच ओड़ा ब्रिज पर पिछले साल 12 नवम्बर को विस्फोट की घटना हुई थी। इस रेलवे लाइन का उद्धाटन कुछ दिन पहले 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। विस्फोट से रेलवे लाइन को नुकसान पहुंचा तथा लोहे की चद्दर मुड़ गई थी। जबकि धमाके से कुछ घंटे पहले ही यहां से उदयपुर से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन गुजरी थी।
आरोपियों के खिलाफ यह लगाई थी धाराएं
उदयपुर जिले के जावर माइंस थाना क्षेत्र में ओड़ा रेलवे ब्रिज पर रेलवे एक्ट 1989 की धारा 150, 151, आईपीसी की धारा 285, 467, 468, 471, 420-बी, सार्वजनिक सम्पति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 3, 4, 5, 6 और भारतीय विस्फोटक अधिनियम 1984 की धारा 9-बी और क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1967 की धारा 6 व 18 के तहत मामला दर्ज किया था।
उदयपुर रेलवे ब्रिज ब्लास्ट मामले में एटीएस ने दायर की 1773 पन्नों की चार्जशीट
