7-8 अगस्त दो दिवसीय होगा विशाल भजन संध्या का आयोजन
उदयपुर। सार्वजनिक प्रन्यास मंदिर श्री महाकालेश्वर में रजत वर्ष महोत्सव व श्रावण महोत्सव के तहत् प्रन्यास अध्यक्ष तेजसिंह सरूपरिया की अध्यक्षता में आज रूद्राक्ष भवन में बैठक आहूत की। बैठक में महकालेश्वर मंदिर की शिला स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वर्ष भर रजत वर्ष महोत्सव मनाने का निर्णय लिया। उक्त कार्यक्रमों को धार्मिक रूप से मनाने के लिए महारूद्र मण्डल का गठन भी किया गया।
प्रन्यास सचिव चन्द्रशेखर दाधीच ने बताया कि श्रावण महोत्सव व शिला स्थापना की पूर्व संध्या पर वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला के अन्तर्गत शिला स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर महर्षि दधीची मित्र मण्डल एवं महारूद्र मण्डल के द्वारा छप्पन भोग मनोरथ का आयोजन दिनांक 7 अगस्त 2023 सोमवार सायंकाल रखा गया है। छप्पन भोग की पूर्व संध्या पर आशुतोष भगवान श्री महाकालेश्वर को विशेष श्रृंगार धरा छप्पन भोग का प्रसाद धराया जाएगा तथा सायं 7 बजे गंगा घाट पर विशेष गंगा आरती की जाएगी। गंगा आरती के पश्चात् प्रभु महाकालेश्वर की महाआरती की जाएगी। छप्पन भोग महर्षि दधीची मित्रमण्डल के राजेश जोशी, हेमन्त दाधीच, विष्णु दत्त दाधीच, राधेश्याम दाधीच, उमेश दाधीच और जीवन प्रकाश दाधीच,यतेन्द्र दाधीच व दाधीच समाज द्वारा किया जाएगा।
श्रावण मास व अधिक मास के तृतीय सोमवार को आशुतोष भगवान श्री महाकालेश्वर के विग्रह स्वरूप को रजत पालकी में विराजमान कर महाकालेश्वर प्रांगण स्थित अन्न क्षेत्र यज्ञ सेवा समिति पर ले जाया जाएगा। जहां आशुतोष भगवान श्री महाकालेश्वर की भव्य पूजन आरती की जाएगी। अन्न क्षेत्र यज्ञ सेवा समिति केे.जी. पालीवाल, भंवरलाल पालीवाल, रमेशचन्द्र राजपूत, प्रदीप आमेटा, दिलीप ंिसह चैहान, द्रुप्रद ंिसह, रमेश सोनी, अरूण श्रीमाली, भगवतीलाल, घनश्याम बागोरा द्वारा शिला स्थापना की पूर्व संध्या पर महाकालेश्वर प्रांगण में स्थित गंगा घाट पर भव्य गंगा आरती कराई जाएगी। समिति के.जी. पालीवाल ने बताया कि पालकी से पूर्व आशुतोष भगवान श्री महाकालेश्वर का विधि विधान से पूजा अर्चना की जाएगी। तथा अन्न यज्ञ सेवा समिति में विराजित मां अन्नपूर्णा की विधिवित् पूजा अर्चना कर भोग प्रसाद धरा मां अन्नपूर्णा की आरती की जाएगी।
श्रावण महोत्सव समिति के अध्यक्ष सुनील भट्ट व सयोजक रमाकांत अजारिया, ने बताया कि शिला स्थापना व रजत वर्ष महोत्सव की की पूर्व संध्या पर महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण में विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि मंदिर द्वार के बाहर आशुतोष भगवान श्री महाकालेश्वर को विशेष पालकी में में विराजमान कर परिसर में बनाए जल कुण्ड में आशुतोष भगवान की विग्रह स्वरूप को विराजमान कर जलझांकी में घुमाया व झुलाया जाएगा जिसकी व्यवस्था कमल चैहान, पुरूषोत्तम जीनगर, शंकर कुमावत, मनीष कुमावत द्वारा की जा रही है।
महोत्सव समिति के प्रभारी गोपाल लोहार ने बताया कि आगामी 8 अगस्त को शिला स्थापना पर संपूर्ण मंदिर परिसर को विशेष विद्युत सज्जा, डेकोरेशन से सजाया जा रहा है मंदिर परिसर में विभिन्न प्रकार की झांकिया से ससुशोभित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त को संत भोलेनाथ, ओगडी माई की धुणी पर विशेष पूजा अर्चना की जाएगी व निष्णांत पंडितों द्वारा 8 अगस्त से 26 अगस्त तक मंदिर प्रांगण में विशेष अनुष्ठान किये जाएंगे।
आज की बैठक में विनोद कुमार शर्मा, महिपाल शर्मा, राजू सोनी, गिरिराज सोनी, प्रतीक्षा मेहता, आरती जोशी, प्रेमलता लोहार, दुर्गा टांक, योगेशगिरी गोस्वामी, सुरेन्द्र मेहता, रमेश राजपूत, आदि उपस्थित थे।
रजत शिला स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर आशुतोष भगवान श्री महाकालेश्वर को धराया जाएगा 56 भोग
