उदयपुर, 7 फरवरी। राजस्थान सरकार में पूर्व अतिरिक्त नगर नियोजक व वर्तमान में सलाहकार सतीश श्रीमाली ने कहा कि समन्वित व पोषणीय विकास के लिये भूस्थानिकी प्रौद्योगिकी एवं भौगोलिक सूचना तंत्र का अनुप्रयोग आज एक आवश्यकता बन गयी है। वे मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग व औद्योगिक संस्थानों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अन्तर्विषयी भूस्थानिकी प्रौद्योगिकी, भौगोलिक सूचना तंत्र एवं इमेज प्रोसेसिंग साफ्वेयरर्स के अनुप्रयोग पर जिला स्तरीय विभागों के अधिकारियों के लिये आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। श्रीमाली ने कहा कि प्रत्येक प्रशासनिक विभाग में प्रभावी एवं पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया हेतु भू स्थानिक प्रौद्योगिकी के प्रति जागरूकता एवं कौशल विकास की महती आवश्यकता है। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रहे सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रोफेसर प्रदीप त्रिखा ने भू स्थानिक तकनीक के क्षेत्र में क्षमतावर्धन हेतु भूगोल विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा की सिर्फ पृथ्वी विज्ञान ही नहीं बल्कि सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी के क्षेत्र में भी भू स्थानिक अंतर्दृष्टि से अध्ययन को नवीन आयाम मिल सकते हैं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उदयपुर संभाग के वरिष्ठ नगर नियोजक अरविन्द सिंह कानावत थे।
भूगोल विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर सीमा जालान ने बताया कि इस दो दिवसीय कार्यशाला में स्कैन पाईट ज्योमेटिक्स लिमिटेड, अहमदाबाद के विशेषज्ञों द्वारा स्मार्ट सिटी कार्यक्रम, नगर नियोजन, जल संसाधन, भू उपयोग, वन संसाधन प्रबंधन इत्यादि क्षेत्रों में आईजीआईएस सॉफ्टवेयर के प्रयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य इस प्रौद्योगिकी का उपयोग कर राजकीय विभागों व संस्थाओं में तकनीकी क्षमता का विकास करना है। डॉ. जालान ने बताया कि विभाग में भू स्थानिक ‘कौशल विकास एवं उद्यमिता प्रकोष्ठ‘ की स्थापना की जा रही है जो राज्य विश्वविद्यालयों में प्रथम एवं अग्रणी केंद्र होगा।
उदघाटन सत्र में एसजीएल के वाइस प्रेसिडेंट राजवीर सिंह, राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण एवं भू-उपयोग नियोजन केन्द्र के अध्यक्ष डॉ. बंसी लाल मीणा, प्रोफेसर प्रतिभा, विभाग के संकाय, शोधार्थी एवं विद्यार्थी भी उपस्थित थे। सत्र संचालन सहायक आचार्य डॉ. उर्मी शर्मा ने किया।
भूस्थानिकी प्रौद्योगिकी व भौगोलिक सूचना तंत्र का अनुप्रयोग समय की जरूरत-श्रीमाली
