उदयपुर, 22 दिसंबर (पंजाब केसरी): फिल्म निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में फंसे प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को सोमवार को भी राहत नहीं मिल सकी। अब एडीजे-3 न्यायालय में इस मामले की सुनवाई मंगलवार को प्रस्तावित है।
भट्ट दंपती पर आरोप है कि उन्होंने एक फिल्म प्रोजेक्ट के लिए निवेश के नाम पर करीब 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। इससे पहले एसीजेएम कोर्ट-4 ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सत्र न्यायालय का रुख किया। हालांकि, लगातार न्यायिक कारणों से सुनवाई टलने से उन्हें जेल में और समय बिताना पड़ सकता है।
वकीलों का कहना है कि यदि मंगलवार को भी सुनवाई नहीं हो पाती है तो आगामी शीतकालीन अवकाश के चलते मामला लंबा खिंच सकता है। ऐसे में नए साल तक भट्ट दंपती को न्यायिक हिरासत में रहना पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
गौरतलब है कि इस प्रकरण में एसीजेएम कोर्ट ने जमानत खारिज करते हुए कहा था कि आरोपी प्रभावशाली हैं और जमानत मिलने पर गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है। साथ ही, मामला भारतीय न्याय संहिता की गैर-जमानती धारा के अंतर्गत दर्ज होने के कारण भी राहत नहीं दी गई।
यह मामला तब सामने आया जब इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के प्रमुख डॉ. अजय मुर्डिया ने फिल्म निर्माण के लिए हुए लगभग 42 करोड़ रुपये के समझौते में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए उदयपुर में प्राथमिकी दर्ज करवाई। इस प्रकरण में विक्रम भट्ट सहित कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है।
उदयपुर पुलिस ने इससे पहले मुंबई से सह-निर्माता और एक कथित फर्जी वेंडर को गिरफ्तार किया था। बाद में 7 दिसंबर को विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को मुंबई स्थित उनके फ्लैट से गिरफ्तार कर उदयपुर लाया गया। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की गंभीरता और हाई प्रोफाइल होने के चलते अब सबकी निगाहें मंगलवार की सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
