अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति द्वारा आवाहनम में अमरख जी से जगदीश मंदिर तक निकाली आमंत्रण यात्रा

अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति
हाथीपोल पर गुड़ी मनाने का भव्य प्रदर्शन
“घर-घर में बजे नगाड़े-विक्रम सम्वत् हमारा” से गूंजी गलियाँ
आज (21 मार्च) होगी प्रकृति के रंग रंगोली के संग विक्रम रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन
उदयपुर 20 मार्च। अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, आलोक संस्थान व सर्व समाज संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विक्रमोत्सव 2082 के कार्यक्रमों के तहत अमरख जी से लेकर जगदीश चौक तक 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने पीले चावल और कार्यक्रम के पत्रक वितरित कर हाथ जोड़कर सभी से नव संवत्सर और एकलिंगजी से निकलने वाली ज्योति कलश यात्रा तक आयोजित होने वाले सांस्कृतिक चेतना कार्यक्रमों में भाग लेने का आह्वान किया। आमजन को नववर्ष कार्यक्रमों में आमंत्रित करने व जागरूक करने की दृश्टि से आलोक इन्टरेक्ट क्लब फतहपुरा और आलोक इन्टरेक्ट क्लब पंचवटी की ओर से आमंत्रण यात्रा निकाली गयी। आमंत्रण यात्रा को अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति के राष्ट्रीय सचिव डाॅ. प्रदीप कुमावत ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
पंच देवों के आह्वान से यात्रा का शुभारंभ
आमंत्रण यात्रा की शुरुआत पंच देवों, भगवान शिव, गणपति, स्थान देवता और क्षेत्रपाल देवता के आह्वान और पूजन के साथ की गई। यात्रा में उपस्थित सभी भक्तों ने पंच देवों से नव संवत्सर के सफल आयोजन और समाज की समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा।
आमंत्रण यात्रा का नेतृत्व डॉ. प्रदीप कुमावत ने किया। उनके साथ निश्चय कुमावत, कमलेंद्र सिंह पवार, नारायण सिंह सिसोदिया, प्रतीक कुमावत, कृष्ण कांत कुमावत, जितेश कुमावत, मनोज आँचलिया, प्रशांत व्यास, मनीष तिवारी, शिव सिंह सोलंकी, शशांक टांक, भूपेंद्र सिंह भाटी, हरिशंकर तिवारी, किशन वाधवानी, वीरेंद्र पालीवाल, संगीता भारद्वाज, नारायण चौबीसा, वंदना त्रिवेदी, ललित कुमावत और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
यात्रा हाथीपोल से पदयात्रा में परिवर्तित हुई और गणेश मंदिर पहुंचकर वहां महाराष्ट्र की गुड़ी पाड़वा परंपरा का प्रदर्शन किया गया। डॉ. कुमावत ने गुड़ी बनाने की विधि बताते हुए कहा कि जैसे गरबा और गणेश उत्सव की परंपराएं गुजरात और महाराष्ट्र से पूरे भारत में फैलीं, वैसे ही हमें प्रयास करना चाहिए कि नववर्ष पर गुड़ी बनाने की यह परंपरा उदयपुर से शुरू होकर पूरे विश्व में फैले।
हाथीपोल गणेश मंदिर पर विशेष प्रदर्शन
गुड़ी को परिवार में सुख-समृद्धि का प्रतीक मानते हुए डॉ. कुमावत ने सभी से अनुरोध किया कि गुड़ी सजाकर और रंगोली बनाकर नववर्ष का स्वागत करें। उन्होंने कहा कि यह परंपरा सनातन संस्कृति का विस्तार करेगी और यह दर्शाएगा कि हम अपनी संस्कृति की जड़ों की ओर लौट रहे हैं।
पदयात्रा आमंत्रण यात्रा हाथीपोल से मोती चैहटा, घण्टाघर, मांझी जी बावड़ी, नानी गली होते हुये जगदीष चैक पहुँची। पूरा यात्रा मार्ग हमारा सम्वत् विक्रम संवत, घर-घर बजे नगाड़े विक्रम संवत हमारा के नारों से गूंजयमान हो गया। सभी को अखिल भारतीय नववर्श समारोह समिति द्वारा आयोजित नववर्श के कार्यक्रमों में पीले चावल रखकर, पत्रक देकर आमंत्रण दिया गया।

आज (21 मार्च) सत्यार्थ प्रकाश न्यास, नवलखा महल गुलाबबाग में होगी रंगोली प्रतियोगिता रंगोली के रंग संस्कारों के संग
डाॅ. प्रदीप कुमावत ने बताया कि आज (21 मार्च) श्री दयानंद सत्यार्थ प्रकाश न्यास गुलाबबाग के संयुक्त तत्वाधान में नववर्श समारोह समिति विक्रम रंगोली प्रतियोगिता रंगोली के रंग संस्कारों के संग सायंकाल 4 से 5. 30 बजे सत्यार्थ प्रकाश न्यास के बाहर की ओर रंगोली सजा कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसमें बालिकाएं और महिलाएं सीधे लाइव जुड़ सकती हैं तथा आॅनलाइन भी इस प्रतियोगिता में प्रविष्टियाँ भेज सकेंगी।
इस अवसर पर विक्रमोत्सव बेच का लोकार्पण भी किया गया!

By Udaipurviews

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