असफलता, सफलता की पहली सीढ़ी – प्रो. सारंगदेवोत
उदयपुर 22 सितम्बर / असफलता , सफलता की पहली सीढ़ी है, सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ेगे तो कभी असफल नहीं होंगे। जिसका विश्वास दृढ़ होता है ईश्वर भी उसी की मदद करता है। जैसा हम सोचेंगे, वैसे ही परिणाम हमकों देखने को मिलेंगे। उक्त विचार जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के संघटक आईटी विभाग की ओर से शुक्रवार को प्रतापनगर स्थित आईटी सभागार में सकारात्मक व्यवहार का पेशेवर जीवन पर प्रभाव विषय पर आयोजित एक दिवसीय सेमीनार में कुलपति प्रो. एस.़एस. सारंगदेवोत ने बतौर मुख्य अतिथि में कही। उन्होंने कहा कि आज के दौर में व्यक्ति दूसरे को सुखी देखकर दुखी है, जीवन में सभी व्यक्ति समृद्ध होना चाहते हैं और हर कार्य शोर्ट टाईम में प्राप्त करना चाहते हैं, लेकिन वे यह कभी नहीं सोचते कि सफल व्यक्ति ने उस मुकाम पर पहुंचने तक कितने संघर्ष किए होंगे। कुछ व्यक्ति वंशानुसार समृद्ध होते हैं लेकिन वे भी आगे चल कर जीवन में असफल हो जाते हैं। जो हम सोचते हैं उसे जीवन में करने का प्रयास करें। जीवन में किसी उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ें, और अपने आप पर भरोसा रखें व विश्वास के साथ आगे बढ़ें। संगोष्ठी में प्रो. सारंगदेवोत ने क्रिकेट खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऑलराउंडर क्रिकेटर यदि किसी मैंच में पहली ही बॉल पर आउट हो जाये तो उसे असफल नहीं कह सकते।
सेमीनार में डॉ. एजाज हुसैन डॉ. चन्द्रेश छतलानी, डॉ. हेमंत साहू, विकास डांगी, डॉ. योगिता श्रीमाली को इसरो स्पेस साईन्स के ऑनलाईन पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने हेतु प्रो. सारंगदेवोत ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
प्रारंभ में निदेशक प्रो. मंजू मांडोत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए एक दिवसीय सेमीनार की जानकारी दी।
इस अवसर पर डॉ. भारत सिंह देवड़ा, डॉ. गौरव गर्ग, डॉ. भरत सुखवाल सहित विधार्थी उपस्थित थे। संचालन डॉ. प्रदीप शक्तावत ने किया जबकि आभार डॉ. मनीष श्रीमाली ने जताया। यह जानकारी नीजि सचिव कृष्णकांत कुमावत ने दी।
