रेजीडेंट डॉक्टर के खिलाफ नाबालिग से छेडछाड़ का आरोप, हाथीपोल थाने में दर्ज कराया मामला

उदयपुर। शहर के एमबी अस्पताल के एक रेजीडेंट डॉक्टर के खिलाफ नाबालिग से छेड़छाड़ का मामला पीड़िता के परिजनों ने दर्ज कराया है। रिपोर्ट में डॉक्टर का नाम सामने नहीं आया बल्कि उसको चेहरे से पहचानने की बात लिखी है।
मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता की उम्र पंद्रह साल बताई जा रही है। बताया गया कि नाबालिग अपने चचेरे भाई के साथ पेट दर्द की शिकायत को लेकर राजकीय महाराणा भूपाल अस्पताल में दिखाने पहुंची थी। नाबालिग को चाइल्ड हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती किया गया। आरोप है कि इसके बाद जब नाबालिग बैड पर अकेली थी, तब डॉक्टर ने उससे अश्लील हरकत की।
रेजीडेंट डॉक्टर ने नाबालिग को कहा कि मेरे पर्सनल रूम में चलो। आपकी मसाज कर देता हूं। उसके साथ फिजिकल संबंध बनाने के भी आरोप भी लगे हैं। डॉक्टर ने नाबालिग से सोशल मीडिया अकाउंट की भी जानकारी मांगी।
इसके बाद नाबालिग इतना घबरा गई कि वह हॉस्पिटल से बिना डिस्चार्ज लिए अपने भाई के साथ घर आ गई। घर पर जब परिजनों ने ऐसे घर आने का कारण पूछा तो बच्ची ने सहमते हुए पूरी बात बताई। इसके बाद परिजनों ने मुकदमा दर्ज कराया।
इधर, अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन का कहना है कि बच्ची मानसिक रोगी है। उनको जब इस तरह की शिकायत मिली तो उन्होंने विभागाध्यक्ष से बात की तो पता चला कि बच्ची को साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम थी। जिस वक्त बच्ची भर्ती थी, उस वक्त ड्यूटी के सभी स्टाफ को दूसरे दिन बच्ची के सामने खड़ा करके पहचान कराई तो बच्ची ने मना कर दिया कि इनमें से कोई नहीं था। फिर भी अगर कोई ऐसी . बात आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर पीड़िता के परिजनों का कहना है कि आरोपी डॉक्टर को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उस दिन वार्ड में जिन रेजीडेंट चिकित्सकों की ड्यूटी थी, सभी को सामने लाया जाए। बच्ची उसे पहचान लेगी।

By Udaipurviews

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