उदयपुर, 6 मई। जल संसाधन विभाग जयपुर के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरडा ने बुधवार को मो.ला.सु. देवास परियोजना के अंतर्गत सुरंग निर्माण कार्य एवं बागोलिया फीडर निर्माण कार्य का आर.डी. 11200 मीटर पर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति, निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा कार्य में तेजी लाने के लिए आवश्यक बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि गुणवत्ता मानकों का पूर्ण पालन करते हुए कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।
मुख्य अभियंता ने देवास सुरंग निर्माण में उपयोग की जा रही तकनीकी व्यवस्थाओं, मशीनरी संचालन एवं सुरक्षा उपायों की समीक्षा भी की। इस परियोजना के तहत 10.500 किमी और 4.500 किमी लंबाई की दो सुरंगों का निर्माण किया जायेगा। कार्य पूर्ण होने पर उदयपुर शहर को पेयजल के लिए 1000 एमसीएफटी अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा।
इसके साथ ही उन्होंने बागोलिया फीडर निर्माण कार्य की प्रगति तेज करने एवं भूमि अवाप्ति से जुड़े कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस फीडर के तहत 27.615 किमी लंबी फीडर का निर्माण किया जाएगा, जिसके माध्यम से वर्षा काल में उदयसागर बांध से 180 एमसीएफटी अतिरिक्त पानी का अपवर्तन किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने के बाद करीब 17 से अधिक गांवों की 3676 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।
निरीक्षण के दौरान अधीशाषी अभियंता बीरबल डूडी, कोमल पाटीदार, सहायक अभियंता साहुनदीन, कनिष्ठ अभियंता शक्ति सिंह सहित निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
देवास परियोजना एवं बागोलिया फीडर कार्य का मुख्य अभियंता द्वारा निरीक्षण
