’आईवीएफ सेंटरों में अनियमितताओं पर चिकित्सा विभाग सख्त’

उदयपुर के दो सेंटरों का पंजीकरण निलंबित’
जयपुर/उदयपुर, 5 मई। राज्य सरकार ने प्रदेश में संचालित आईवीएफ सेंटर्स में पारदर्शिता, वैधानिक अनुपालन एवं नैतिक मानकों को सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। आईवीएफ सेंटर्स से अंडों के अवैध खरीद-बेचान की सूचनाओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने इन सेंटर्स की सघन जांच के लिए अभियान चलाते हुए नियमों की अवहेलना करने वाले सेंटर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। दो आईवीएफ सेंटर के संचालन में गंभीर अनियमितताएं पाई जाने पर उनका पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि विगत दिनों उदयपुर जिले के आईवीएफ सेंटर्स पर अनियमितताओं की सूचनाएं प्राप्त हुई थीं। इस पर राज्य स्तर पर एआरटी एवं सरोगेसी के राज्य नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में टीम का गठन किया गया। साथ ही, उदयपुर जिले में पंजीकृत सभी आईवीएफ सेंटर्स की गहन जांच के लिए तीन अलग-अलग टीम का गठन कर औचक निरीक्षण कराया गया। इन टीमों ने उदयपुर में 28 केंद्रों का निरीक्षण किया।
राज्य नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीम  ने 2 मई 2026 को उदयपुर स्थित अमर आशीष हॉस्पिटल एवं आईवीएफ सेंटर का निरीक्षण कर एआरटी बैंक, एआरटी क्लीनिक (लेवल-2) एवं सरोगेसी क्लीनिक से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों में गंभीर कमियां पाए जाने पर एआरटी बैंक, एआरटी क्लीनिक एवं सरोगेसी क्लीनिक के पंजीकरण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
टीमों द्वारा निरीक्षण के दौरान सम्पत एआरटी बैंक, उदयपुर में भी कई अनियमितताएं पाए जाने पर उसके पंजीकरण को भी अग्रिम आदेशों तक निलंबित किया गया है। शेष आईवीएफ केंद्रों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया जारी है।
’अनियमितताओं पर होगी कठोरतम कार्रवाई’
प्रमुख शासन सचिव ने कहा है कि एआरटी विनियमन अधिनियम, 2021 एवं सरोगेसी विनियमन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आमजन के स्वास्थ्य एवं अधिकारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
’नियमित रूप से किया जाएगा निरीक्षण’
विभाग द्वारा राज्यभर में पंजीकृत सभी एआरटी बैंक, एआरटी क्लिनिक एवं सरोगेसी क्लिनिकों का  नियमित रूप से निरीक्षण किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी संस्थान निर्धारित मानकों एवं कानूनी प्रावधानों का पूर्णतः पालन करें। श्रीमती राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की अनियमित गतिविधियों पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

By Udaipurviews

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