एक से डेढ़ करोड़ रुपए के गबन का आरोप, पांच के खिलाफ मामला दर्ज
चित्तौड़गढ़। जिले में एक वित्तीय घोटाला सामने आया है, जिसमें एक एनजीओ के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी और बैंक की राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। इस मामले में चामटी खेड़ा निवासी अनुप आमेरिया ने कोर्ट में परिवाद पेश कर बताया कि उनके नाम और हस्ताक्षर का गलत इस्तेमाल कर “कोड ऑर्गेनाइजेशन” नाम से संस्था चलाई जा रही थी, जबकि वे कभी इस संस्था से जुड़े ही नहीं थे।
अनुप ने बताया कि आरोपियों का ऑफिस पहले उनके ऑफिस के पास ही था, इसलिए सभी आरोपी उन्हें अच्छी तरह से जानते थे और इसी का फायदा उठाकर उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया।
कोर्ट के आदेश के बाद कोतवाली थाना चित्तौड़गढ़ में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
फर्जी हस्ताक्षर कर बनाया गया सचिव, कई साल तक चलता रहा खेल
अनुप आमेरिया के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें फर्जी तरीके से संस्था का सचिव दिखाया और उनके नकली हस्ताक्षर कर बैंक खातों का संचालन किया। यह पूरा खेल कई सालों तक चलता रहा। उन्होंने बताया कि साल 2018 से लेकर 2022 तक उनके नाम पर दस्तावेज तैयार किए गए, आईटीआर रिटर्न भरे गए और ऑडिट रिपोर्ट तक फर्जी तरीके से बनाई गई। इतना ही नहीं, आरोप है कि उनके मोबाइल से डेटा चोरी कर उसका इस्तेमाल भी इस फर्जीवाड़े में किया गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
संस्था के नाम पर कई बैंक खातों से किया गया लेन-देन
मामले में सामने आया है कि आरोपियों ने आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में संस्था के नाम से कई खाते खोल रखे थे। इन खातों के जरिए बड़ी रकम का लेन-देन किया गया और उसे निजी उपयोग में लिया गया। अनुप का कहना है कि उन्होंने कभी इन खातों में कोई लेन-देन नहीं किया, लेकिन उनके नाम का इस्तेमाल कर एटीएम, नेट बैंकिंग और अन्य माध्यमों से पैसे निकाले गए। शिकायत के अनुसार, इन खातों से करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए तक का फ्रॉड किया गया है।
सरकारी विभागों से लिए वर्क ऑर्डर
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई सरकारी और निजी संस्थाओं से वर्क ऑर्डर भी हासिल किए। इनमें जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग उदयपुर, एमएसएमई टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर मेरठ और केवोट सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड जैसी संस्थाएं शामिल हैं। आरोप है कि इन संस्थाओं को भी फर्जी दस्तावेज देकर गुमराह किया गया और सरकारी योजनाओं की राशि का दुरुपयोग किया गया।
इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
कोर्ट के आदेश के बाद कोतवाली थाना चित्तौड़गढ़ में अमित शर्मा पिता पन्नालाल शर्मा निवासी दिवाकर नगर चित्तौड़गढ़ हाल बोहरा गणेश जी मंदिर के पास, उदयपुर, मधु चिमनानी पत्नी अनुप आमेरिया निवासी विनायक नगर चित्तौड़गढ़ हाल चित्रकूट नगर भुवाणा, उदयपुर, गणपत लाल ढोली पिता शम्भूलाल ढोली निवासी देहली गेट चित्तौड़गढ़ हाल पठान मोहल्ला रायपुर जिला भीलवाड़ा, पुनित चिमनानी पिता किशोर चिमनानी निवासी आदर्श नगर निम्बाहेड़ा और गिरिराज चेचाणी चार्टर्ड अकाउंटेंट निवासी महावीर मोहल्ला महिला आश्रम स्कूल के पास भीलवाड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
