उदयपुर, 20 मार्च : प्रियंका शर्मा कैंतुरा की पुस्तक महादेवी – अस्तित्व के पीछे का अनदेखा सत्य जीवन, सृष्टि और ईश्वर से जुड़े जटिल प्रश्नों को सरल व प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है। यह कृति केवल धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि आध्यात्म और तर्क के संतुलन का सशक्त प्रयास है।रेडिसन ब्लू पैलेस एंड स्पा में आयोजित कार्यक्रम में बुद्धिजीवियों और मीडिया के समक्ष पुस्तक पर विस्तृत चर्चा हुई। लेखिका ने बताया कि पहले भाग में महादेवी के दृष्टिकोण से ब्रह्मांड की उत्पत्ति, प्रेम, संघर्ष और धर्म-अधर्म के द्वंद्व को रोचक कथा के रूप में प्रस्तुत किया गया है। दूसरे भाग में महादेवी के नौ रूपों पर आधारित कहानियां हैं, जो आधुनिक महिलाओं के जीवन में देवी स्वरूप की उपस्थिति को दर्शाती हैं।
प्रवाहपूर्ण भाषा और गहन विषयवस्तु के साथ यह पुस्तक पाठकों को न केवल आध्यात्मिक संतोष देती है, बल्कि आत्मचिंतन की नई दिशा भी प्रदान करती है।
‘महादेवी’ में सृष्टि और जीवन का अनोखा दर्शन
