-पंचायत समिति ओगणा, सुलाव, देवला, नाई एवं कल्याणपुर है इसके लिए पात्र
उदयपुर। सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने पांच पंचायत समितियों में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोलने की मांग की है। सांसद डॉ रावत ने मंगलवार को संसद में नियम 377 के अधीन यह मामला रखा।
सांसद डॉ रावत ने संसद में बताया कि लोकसभा क्षेत्र उदयपुर के अंतर्गत जिला उदयपुर की पंचायत समितियों ओगणा, सुलाव, देवला, नाई एवं कल्याणपुर में वर्तमान में एक भी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय संचालित नहीं है, जबकि ये सभी क्षेत्र जनजाति बहुल हैं। जनगणना 2011 के अनुसार पंचायत समिति ओगणा में 68 प्रतिशत, सुलाव में 95 प्रतिशत, देवला में 98 प्रतिशत, नाई में 86 प्रतिशत तथा कल्याणपुर में 88 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति जनसंख्या निवास करती है एवं एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोले जाने हेतु सम्पूर्ण पात्रता रखती है। ये पंचायत समितियां दुर्गम एवं भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में स्थित हैं, जिससे जनजाति बालक-बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के समुचित अवसर उपलब्ध नहीं हो पाते। परिणामस्वरूप उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित होती है। स्थानीय नागरिकों द्वारा लंबे समय से यहां एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाने की मांग की जा रही है। अतः अनुरोध है कि संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के अंतर्गत उपर्युक्त पांचों पंचायत समितियों में नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की स्वीकृति प्रदान कर जनजाति विद्यार्थियों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा सुनिश्चित की जाए।
सांसद डॉ रावत ने जनजाति क्षेत्रों में एकलव्य विद्यालय खोलने की मांग संसद में उठाई
