माइंड-बॉडी-सोल कनेक्शन’ से हजारों महिलाओं को दिया आत्मबल
भीलवाड़ा। (मूलचन्द पेसवानी ) अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर भीलवाड़ा की जानी-मानी हीलिंग मेंटर डॉ. आकांक्षा ने यह साबित कर दिया कि असली सशक्तिकरण केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक मजबूती से आता है। उनके “माइंड-बॉडी-सोल कनेक्शन” मॉडल ने सैकड़ों नहीं, बल्कि अब तक 1000 से अधिक लोगों की जिंदगी में उम्मीद की नई रोशनी जलाई है।
डिप्रेशन, एंग्जायटी और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए डॉ. आकांक्षा किसी संजीवनी से कम नहीं हैं। वर्षों से वे विशेष सेशन्स, वर्कशॉप्स और हीलिंग प्रोग्राम्स के जरिए लोगों को भीतर से मजबूत बना रही हैं। खास बात यह है कि उनका मिशन महिलाओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाना है।
महिला दिवस पर उन्होंने दो टूक कहा कि “हर महिला अपने भीतर अपार शक्ति लेकर पैदा होती है। जब वह अपने मन, शरीर और आत्मा से जुड़ती है, तो सिर्फ खुद को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बदल देती है।”
छोटे शहर में मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर काम करना किसी चुनौती से कम नहीं, लेकिन डॉ. आकांक्षा ने इसे अपनी ताकत बना लिया है। उन्होंने महिलाओं के लिए ऐसा सुरक्षित मंच तैयार किया है, जहां वे बिना डर अपनी पीड़ा, तनाव और उलझनों को साझा कर सकें। उनका सपना है कि आने वाले समय में “माइंड-बॉडी-सोल कनेक्शन” की यह हीलिंग पद्धति हर घर तक पहुंचे, ताकि हर महिला अपनी छुपी शक्ति को पहचाने और डर नहीं, आत्मविश्वास के साथ जीवन जिए।
डॉ. आकांक्षा का यह अभियान सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि सोच बदलने की क्रांति है। भीलवाड़ा से उठी यह आवाज अब महिला सशक्तिकरण की पहचान बनती जा रही है जहां नारी कमजोर नहीं, बल्कि मानसिक रूप से अडिग और आत्मा से अजेय है।
