महाराणा प्रताप संसदीय संकुल परियोजना की बैठक आयोजित
उदयपुर। महाराणा प्रताप संसदीय संकुल परियोजना, चावण्ड (सलूम्बर) में जनजाति उपयोजना क्षेत्र में चिकित्सा, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, वानिकी विकास, वनोपज, कृषि विपणन एवं कृषि प्रसंस्करण की संभावनाओं पर चर्चा के लिए शुक्रवार को महाराणा प्रताप वनवासी कल्याण आश्रम, चावण्ड (सलूम्बर) में समन्वय बैठक आयोजित हुई।
सांसद डॉ मन्नालाल रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, एनजीओ प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे। बैठक में महाराणा प्रताप संसदीय संकुल परियोजना में चयनित गांवों में सिचुएशन लेवल तक सरकार की योजनाओं के लाभ दिलाने पर चर्चा की गई। सांसद डॉ रावत ने प्रत्येक गांव में लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए निर्देश प्रदान दिए। सांसद डॉ रावत ने कहा कि संसदीय संकुल बैठक का मूल उद्देश्य स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन उपलब्ध कराना व रोजगार के लिए हो रहे पलायन को रोकना है इसलिए इस पर गंभीरता से काम होना चाहिए। बैठक में सांसद मन्नालाल रावत, वनवासी कल्याण परिषद से जगदीश कुलमी, सलाड़ा मंडल अध्यक्ष करण जोशी, भाजपा देहात महामंत्री चन्द्र शेखर जोशी सहित वरिष्ठ पदाधिकारी गण भी उपस्थित रहे।
इस योजना में सराडा ब्लॉक में खेरकी, खाटीबोर, मेकात फला, मकात, कउजाफला, झालरदेवी, ससेई, बडोली, डायली, केवडी, बामणिया, कलात, करमा तालाब, अंबाला, डेकली, धोला दांता, मूंडला, पासर्सिया, ढालीमेराणा, केरपुर तथा जयसमंद ब्लॉक में धावडिया व कतिला गांव चयनित किए गए हैं।
प्रत्येक गांव में लाभार्थियों की पहचान कर सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करें: डॉ रावत
