हजारों भक्तों की गूंज में लहराई धर्मध्वजा, शहर हुआ राममय-शिवमय
संतों के सान्निध्य में दीक्षार्थियों की नगर परिक्रमा बनी ऐतिहासिक क्षण, ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और जयघोष से गूंजा पूरा भीलवाड़ा
भीलवाड़ा। धरती पर जब-जब धर्म की ध्वजा फहरती है, तब इतिहास स्वयं साक्षी बनता है और बुधवार को भीलवाड़ा ने वही गौरवशाली क्षण जिया। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के अंतर्गत निकली संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा ने पूरे नगर को राममय, शिवमय और सनातनमय बना दिया। चारों ओर भगवा पताकाएं लहराईं, जयघोष गूंजे और श्रद्धा का ऐसा महासागर उमड़ा कि भीलवाड़ा सचमुच “आज की अयोध्या” बन गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक था, बल्कि यह सनातन चेतना की ऐतिहासिक हुंकार थी। हजारों सनातनी भाई-बहन, बालक-बालिकाएं, माताएं-बहनें पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा में सम्मिलित हुए और नाचते-गाते हुए दीक्षार्थी इन्द्रदेव, सिद्धार्थ एवं कुनाल को मंगलकामनाएं अर्पित कीं। दीक्षार्थियों की नगर परिक्रमा का यह विराट दृश्य भीलवाड़ा के इतिहास में पहली बार देखने को मिला, जिसने शहर को आध्यात्मिक गौरव से भर दिया। यह आयोजन देश में अपनी तरह का पहला उदाहरण बनेगा।
उल्लेखनीय है कि इस आयोजन से भीलवाड़ा ने यह सिद्ध कर दिया कि जब आस्था जागती है, जब संतों का सान्निध्य मिलता है और जब जन-जन साथ चलता है, तब शहर नहीं संस्कृति चलती है, इतिहास बनता है।
प्रभात बेला में गूंजा “जय सनातन”– बुधवार प्रातः अयोध्यानगर (दूधाधारी मंदिर) से जब शोभायात्रा निकली, तब मानो प्रभात सूर्य भी इस दिव्य यात्रा को नमन कर रहा था। संत-महापुरुषों के सान्निध्य में प्रभात फेरी मंडलियां, ढोल-नगाड़े, शंख-नाद और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ यात्रा आगे बढ़ी। नगर परिक्रमा करते हुए यह शोभायात्रा अपरान्ह में हरि शेवा धाम पहुंची। रास्ते भर पुष्पवर्षा हुई, तोरणद्वार सजे और घर-घर से आरती उतारी गई।
संतों का महासंगम, जन-जन में उल्लास-शोभायात्रा में देश के कोने-कोने से आए सैकड़ों संतों के दर्शन से शहर धन्य हो उठा। शोभायात्रा में उदासीन कार्ष्णि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी गुरूशरणानंद महाराज रमणरेती गोकुल वन मथुरा, महामंडलेश्वर स्वामी शरणानंद पठानकोट, महामंडलेश्वर भगवत स्वरुप दास, महामंडलेश्वर अरुण दास, मेवाड महामंडलेश्वर स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती, श्रीमहंत धर्मेंद्र दास, श्रीमहंत दामोदर दास, महंत भरत दास, महंत शिवमुनि, महंत शांतानंद, महंत श्रीचंद्र दास, महंत प्रभल मुनि, महंत स्वरुप दास उदासीन, महंत भरपूर दास, महंत शांतानंद जलंधर, महंत महात्मा मुनि, केशव मुनि, महंत खिमयादास, महंत अकाल दास, महंत विष्णु दास, महंत संगम दास, महंत दिब्यांम्बर मुनि, महंत राम मुनि, महंत सुखदेवा नन्द, महंत सहदेव मुनि, महंत हनुमान राम उदासीन, महंत मोहन दास इंदौर, संत ओम दास, संत हंसदास रीवा, संत स्वरूप दास रीवा, संत संतराम इंदौर, संत प्रकाशानंद, संत गोविन्द राम, संकटमोचन हनुमान मंदिर के महन्त बाबूगिरी महाराज, हनुमान टेकरी के महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा, हाथीभाटा आश्रम के महन्त संतदास महाराज, निम्बार्क आश्रम के महन्त मोहनशरण शास्त्री, रामस्नेही संत दिग्विजय रामजी महाराज, हरि शेवा धाम के संत मायाराम, गोविन्दराम, पंचमुखी बालाजी रीको मंदिर के पुजारी मुरारी पांडे, सांसद दामोदर अग्रवाल, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, हँसगंगा हरि शेवा भक्त मंडल, सनातन मंगल महोत्सव समिति के पदाधिकारी तथा देश-विदेश से आए हरि शेवा धाम के अनुयायी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
ढोलों की गूंज और महाकाल की हुंकार-शोभायात्रा की विशेष पहचान बनी नासिक, जम्मू और उड़ीसा की ढोल टीमों की दमदार प्रस्तुति, शिव बारात की दिव्य झांकी और उज्जैन से आई महाकाल की टीम के रोमांचक करतब। हर चौराहे पर तालियों की गड़गड़ाहट और “बम-बम भोले” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। भगवा ध्वजों से सजी सड़कें और भक्ति गीतों पर झूमते श्रद्धालु यह दृश्य लोगों के मन-मस्तिष्क पर अमिट छाप छोड़ गया। शहर के बालक बालिकाओं के अखाड़ों के प्रदर्शन ने भी मनमोह लिया।
पहले कभी नहीं देखा ऐसा सनातनी सैलाब-महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने कहा कि दीक्षार्थियों की नगर परिक्रमा को लेकर भीलवाड़ा में जो उत्साह देखने को मिला, वह अभूतपूर्व है। हर गली, हर चौराहा, हर द्वार सनातन स्वागत में सज गया। लोग एक-दूसरे को गले लगाकर बधाइयां दे रहे थे और पूरा नगर सनातन एकता का जीवंत उदाहरण बन गया।
शोभायात्रा पर हेलिकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा-संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं पर जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई। शोभायात्रा के नेताजी सुभाष मार्केट एवं स्टेशन चौराहा पहुंचने पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। हेलिकॉप्टर से पुष्प बरसते देख श्रद्धालु रोमांचित हो गए। विभिन्न सामाजिक संगठनों ओर समाजसेवियों द्वारा भी शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की गई।
धर्म भक्ति के साथ राष्ट्र भक्ति का संगम-संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा धर्म भक्ति के साथ राष्ट्र भक्ति का संगम बन गई। शोभायात्रा में जय श्री राम, जय श्री कृष्णा, जय सनातन के साथ वंदे मातरम व भारत माता के जयकारे भी गूंजायमान होते रहे। बैण्ड पर धार्मिक भजनों के साथ राष्ट्रभक्ति के गीत भी गूंजते रहे। शोभायात्रा में देवी देवताओं की सजीव झांकियों के साथ भारत माता, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, वीर शिवाजी जैसी सजीव झांकिया भी शामिल थी। शोभायात्रा में सनातनी रंग में रंगे श्रद्धालुओं के साथ राष्ट्र रक्षा का कर्तव्य निभाने वाले पूर्व सैनिक भी गौरव के साथ शामिल हुए। शोभायात्रा स्टेशन चौराहा पहुंचने पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यापर्ण भी किया गया।
सनातन समाज ने किया शोभायात्रा का स्वागत-संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों की भीड़ उमड़ी। विभिन्न समाजों एवं संगठनों से जुड़े हजारों लोग आयोजन में सहभागी बने। सिंधी समाज के लोगो ने व्यापारिक प्रतिष्ठान भी दोपहर 12 बजे तक बंद रखें।
दीक्षा दान का महापर्व कल-आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के अंतिम दिन 26 फरवरी गुरुवार को प्रातः 9 बजे से हरि शेवा आश्रम परिसर में महामंडलेश्वर एवं संत महात्माओं के सान्निध्य में भव्य दीक्षा दान समारोह आयोजित होगा। इसमें शामिल होने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रो के साथ अमरीका,ऑस्ट्रेलिया, यूरोप के विभिन्न क्षेत्रो से भी श्रद्धालु भीलवाड़ा पहुंचे है। दोपहर 1 बजे से “एक संगत एक पंगत एक भाषा एक भूषा” के भाव के साथ विशाल समष्टि भंडारे का आयोजन अग्रवाल उत्सव भवन (रोडवेज बस स्टैंड के सामने) में किया जाएगा।
