जीवन में शांति शीतलता से ही प्राप्त होतीः सुप्रकाशमति
उदयपुर। अखिल भारतीय सुप्रकाश ज्योति मंच की ओर से ध्यानोदय तीर्थ बालीचा उदयपुर मे गुरु मां 105 श्री सुप्रकाशमती माताजी व 4 आर्यिका के सानिध्य मे जिन मंदिर मुल नायक 1008 चंद्र प्रभु भगवान का फाल्गुन शुक्ला सप्तमी का मोक्ष एवं ज्ञान कल्याणक भव्यता के साथ मनाया।
मंच के मुख्य संरक्षक ओमप्रकाश गोदावत ने बताया कि प्रातः ठीक 7 बजे 1008 चंद्र प्रभु भगवान पर पंचामृत अभिषेक मे जल-दूध- दही- इक्षु रस -सर्व ओशोधी-चार कलश -पुष्प वृष्टि -कपपुर आरती और पूर्ण सौगंधित धारा का महा अभिषेक हुआ ततपश्चात शांति धारा एवं निर्वाण लड्डू का सोेभाग्य श्रीमति इंदु ओम गोदावत एवं प्रथम जल कलश एवं शांति नाथ शांति धारा भूपेंद्र शाह डूंगरपुर एवं पाश्र्वनाथ भगवान सुरेश डागरिया साथ ही कई श्रावक श्राविका मोक्ष कल्याणक मनाने प्रातः ही पहुंच गये।
इस अवसर पर गुरु मां ने कहा कि अष्ठम तीर्थंकर भगवान श्री चंद्रप्रभु के देशना के माध्यम से लाखों लोगों ने दीक्षा ली, भगवान से आत्मज्ञान प्राप्त किया और परम मुक्ति (मोक्ष) के मार्ग पर अग्रसर हुए। भगवान के संघ में 93 गणधर (तीर्थंकर के प्रमुख शिष्य) और लाखों साधु-साध्वी, श्रावक और श्राविका थे। भगवान ने समेत शिखरजी के ललित प्रभ कूट पर्वत से निर्वाण प्राप्त किया। उन्होंने हमें शीतलता जीवन मे उतारने का प्रमुख मार्ग बताया क्योंकि शांति शीतलता से ही प्राप्त होती है और वही मोक्ष का का द्वार है। गुरु मा ने कहा कि प्रभु भक्ति ही सर्व शक्ति को प्राप्त करवा सकती है अतः कभी भक्ति का मौका मिले तो चुकना मत धन् आज है कल रहेगा इसकी कोई गारंटी नहीं पर प्रभु नाम और भक्ति सदैव साथ रहेगी।
ट्रस्ट चेयरमेन ओम गोदावत ने बताया की माताजी सुप्रकाश मां का मंगल प्रवास अभी तीर्थ पर कुछ समय ही और है। गुरु मां 24 फरवरी से 3 मार्च पूर्णिमा तक प्रतिदिन मंगल आराधना करवाएगी।
चंद्र प्रभु भगवान का मोक्ष एवं ज्ञान कल्याणक महोत्सव सम्पन्न
