15 मार्च को सिटी पैलेस में होगा 42वां अलंकरण समारोह
उदयपुर महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन ने वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय अलंकरणों की घोषणा कर दी है। ये सम्मान उन विशिष्ट व्यक्तित्वों को प्रदान किए जाएंगे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर समाज, राष्ट्र और वैश्विक समुदाय को स्थायी मूल्य प्रदान किए हैं।
अलंकरण समारोह के संयोजक डॉ. मयंक गुप्ता ने बताया कि फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की उपस्थिति में 42वां वार्षिक अलंकरण समारोह 15 मार्च 2026 को सायं 4:30 बजे सिटी पैलेस, उदयपुर के माणक चौक प्रांगण में आयोजित होगा। फाउंडेशन पिछले 41 समारोहों में 4,972 विभूतियों व मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर चुका है।
कर्नल जेम्स टॉड सम्मान
अंतरराष्ट्रीय स्तर का कर्नल जेम्स टॉड सम्मान इस वर्ष अमेरिका की कला इतिहासविद् डॉ. मॉली एम्मा एटकिन को प्रदान किया जाएगा। वे सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और भारतीय लघुचित्र, विशेषतः मेवाड़ व राजपूत दरबारी चित्रकला की अग्रणी विदुषी मानी जाती हैं। हार्वर्ड और कोलंबिया विश्वविद्यालय से शिक्षित डॉ. एटकिन की चर्चित कृति The Intelligence of Tradition in Rajput Court Painting को अंतरराष्ट्रीय सराहना मिली है। यह सम्मान दो लाख एक हजार रुपये, तोरण, शॉल व प्रशस्तिपत्र सहित प्रदान किया जाएगा।

हल्दीघाटी सम्मान
राष्ट्रीय स्तर का हल्दीघाटी सम्मान वरिष्ठ पत्रकार कमलेश किशोर सिंह को दिया जाएगा। तीन दशकों से सक्रिय कमलेश किशोर ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा देने और युवा पत्रकारों के मार्गदर्शन में उनका योगदान उल्लेखनीय है।
महाराणा उदय सिंह सम्मान
पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘ट्री मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से विख्यात मरिमुथु योगनाथन को महाराणा उदय सिंह सम्मान से नवाजा जाएगा। उन्होंने पांच लाख से अधिक वृक्ष रोपे हैं, जिनमें से लगभग साढ़े तीन लाख आज भी जीवित हैं।


पन्नाधाय सम्मान
वर्ष 2017 में 35,000 फीट की ऊंचाई पर आपातकालीन प्रसव संपन्न कराने वाले Jet Airways की फ्लाइट 9डब्ल्यू 569 के क्रू सदस्यों को सामूहिक रूप से पन्नाधाय सम्मान प्रदान किया जाएगा। राष्ट्रीय अलंकरणों के तहत प्रत्येक विभूति को एक लाख एक हजार रुपये, तोरण, शॉल एवं प्रशस्तिपत्र प्रदान किए जाएंगे। ये सम्मान मेवाड़ की त्याग, सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण की चिरंतन भावना को अभिव्यक्त करते हैं।
