राज्यसभा में सांसद गरासिया ने उठाए चार अहम मुद्दे

उदयपुर, 13 फरवरी। राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया द्वारा गुरुवार को राज्यसभा में पूछे गए विभिन्न अतारांकित प्रश्नों के जवाब में केंद्र सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन, न्यायालयों के डिजिटलीकरण, स्मारकों के संरक्षण और देश में 5जी सेवाओं के विस्तार से जुड़ी प्रगति का ब्यौरा सदन में प्रस्तुत किया। संबंधित मंत्रालयों के मंत्रियों ने अलग-अलग विषयों पर विस्तृत जानकारी देते हुए सरकार के प्रयासों और उपलब्धियों को रेखांकित किया।
पर्यावरण से जुड़े प्रश्न के उत्तर में राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत 130 शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए विशेष कार्ययोजनाएं लागू हैं। वर्ष 2023 से 2025 के बीच कई शहरों में गंभीर वायु गुणवत्ता दर्ज होने के बावजूद 103 शहरों में पीएम10 स्तर में कमी आई है तथा कई शहर राष्ट्रीय मानकों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़े हैं। औद्योगिक इकाइयों की ऑनलाइन निगरानी, बीएस-टप् मानकों का क्रियान्वयन और प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई भी की गई है।
न्यायालयों के डिजिटलीकरण से जुड़े प्रश्न के उत्तर में विधि और न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने बताया कि ई-कोर्ट्स परियोजना के तीसरे चरण के तहत देशभर में न्यायिक प्रणाली को आधुनिक बनाने का कार्य जारी है। करोड़ों पृष्ठों का डिजिटलीकरण, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं का विस्तार, लाइव स्ट्रीमिंग और राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड को मजबूत करने जैसे कदम उठाए गए हैं। डिजिटल न्यायालय 2.1 के माध्यम से पेपरलेस न्यायालयों की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है।
सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर पूछे गए प्रश्न के जवाब में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षण में देशभर में 3686 केंद्रीय संरक्षित स्मारक हैं, जिनका संरक्षण और अनुरक्षण राष्ट्रीय संरक्षण नीति के तहत किया जाता है। गुणवत्ता की निगरानी लेखा परीक्षण और आंतरिक निरीक्षण से होती है तथा इस अवधि में गैर-अनुपालन का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
वहीं दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े प्रश्न पर मंत्री पेम्मासानी चंद्र शेखर ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में 5जी सेवाएं पहुंच चुकी हैं और लाखों बेस ट्रांसीवर स्टेशन स्थापित किए गए हैं। गुणवत्ता परीक्षण के लिए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट और प्रदर्शन निगरानी के माध्यम से सेवा प्रदाताओं की समीक्षा कर रहा है तथा मानकों के उल्लंघन पर वित्तीय दंड भी लगाए जाते हैं।

By Udaipurviews

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