उदयपुर में बीसीआई एजुकेशन की ‘वर्क प्लेस विजिट’ संपन्न: नवाचारों, आधुनिक शिक्षण तकनीकों व बाल विकास के समग्र दृष्टिकोण पर हुई चर्चा

उदयपुर। बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) के एजुकेशन चैप्टर की ओर से न्यू भूपालपुरा स्थित सेंट्रल पब्लिक स्कूल (सीपीएस) में ‘वर्क प्लेस विजिट’ का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं बीसीआई सदस्यों ने विद्यालय की कार्यप्रणाली, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और नवाचारों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

बीसीआई के संस्थापक एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी ने बताया कि बीसीआई एजुकेशन की अध्यक्ष अलका शर्मा, जो उदयपुर के शिक्षा जगत की लिविंग लीजेंड मानी जाती हैं एवं अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी हैं, ने सभी सदस्यों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने विद्यालय में अपनाई जा रही आधुनिक शिक्षण तकनीकों, स्मार्ट क्लासरूम सिस्टम और प्रभावी स्कूल मैनेजमेंट मॉडल की विस्तार से जानकारी दी।

अपने उद्बोधन में अलका शर्मा ने कहा कि आज की शिक्षा केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने बच्चों में आध्यात्मिक ज्ञान, मानसिक स्वास्थ्य की जागरूकता तथा अत्यधिक मोबाइल उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों पर गंभीरता से प्रकाश डाला। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से आग्रह किया कि बच्चों को तकनीक का संतुलित उपयोग सिखाते हुए उनके भीतर संस्कार, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित की जाए।

कार्यक्रम के दौरान मधु सरीन ने बालिकाओं की स्वच्छता शिक्षा एवं हाइजीन के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने सेंट्रल पब्लिक स्कूल द्वारा निःशुल्क सेनेटरी पैड वितरण जैसी सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास बालिकाओं के स्वास्थ्य, आत्मसम्मान और शिक्षा में निरंतरता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बीसीआई के मुख्य सलाहकार राहुल बड़ाला ने प्रभावी फीडबैक सिस्टम, रणनीति के बेहतर क्रियान्वयन और उदयपुर को वाणिज्यिक नगरी (सिटी ऑफ़ कॉमर्स ) के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय से ही शहर को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।

वहीं, बीसीआई के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह करीर ने शिक्षा पाठ्यक्रम में बीमा और वित्तीय साक्षरता को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की पुस्तकों में बीमा एवं वित्तीय सुरक्षा के महत्व पर एक अध्याय अवश्य होना चाहिए, ताकि वे कम उम्र से ही जोखिम प्रबंधन और आर्थिक निर्णयों को समझ सकें।

कोषाध्यक्ष प्रियेश जैन ने संगठन की निरंतर प्रगति, संरचनात्मक मजबूती और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार साझा किए। सभी सदस्यों ने सीपीएस परिसर का भ्रमण कर वहां की शैक्षणिक व्यवस्थाओं, अनुशासन और सकारात्मक शिक्षण वातावरण की सराहना की तथा आपसी सहयोग से शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर अलका शर्मा, मुकेश माधवानी, देवेन्द्र सिंह करीर, राहुल बड़ाला, गिरीश शर्मा, संजीव पटवा, अंशुल मोगरा,निर्मला सोनी, शलाका, पूजा सुयल शेख, डी.के. गुप्ता, रूही सुराणा, मीनाक्षी भेरवानी, जीवन सिंह सोलंकी, प्रोफेसर वीना शर्मा, नैंसी शर्मा, कैलाश, हरीश कुमार, प्रवीण सिंह, दिव्यांशी भट्ट, गिरीश शर्मा, अनामिका गुप्ता, नम्रता जैन, रतन सिंह सोलंकी, आलोक गुप्ता, हर्षवी सिंह पुरावत, राजश्री देवड़ा, प्रिया शर्मा, मधु सरीन, सुदर्शन, बी.एल. कुमावत, उमा प्रताप, प्रदीप, कमलेश, प्रियेश, रतन सिंह, प्रहलाद, आहूजा सर, डीके सर, आलोक गुप्ता, निर्मला सोनी, पूनम राठौर, पीयूष, धर्मवीर देवल, प्रिया, मीनाक्षी, हरीश, दिव्यांशी भट, अनामिका, अमृता जैन, राजश्री, सुधांशु, बीएल कुमावत, कमलेश, विमल शर्मा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

By Udaipurviews

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