उदयपुर 03 फरवरी / राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर सर्वसमाज की ओर से आयड़ बस्ती की ओर से विशाल कलश यात्रा निकाली गयी। संयोजक गणेश पालीवाल ने बताया कि कलश यात्रा सुथारवाड़ा स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर से प्रारंभ हुई जो छीपा मोहल्ला, विवेकानंद चौराहा, विश्वविद्यालय मार्ग होते हुए शताब्दी चौराहे पर पहुंची जहॉ रेली धर्मसभा में परिवर्तित हो गयी। शोभायात्रा में बड़ी संख्यॉ में महिलाएॅ पारम्परिक परिधान चुंदड पहने मंगल कलश लिए चल रही थी। पूरे रास्ते कलश यात्रा का पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। युवा वाहिनी सफेद कुर्ता पायजामा, केसरिया साफा पहने अपने हाथों में केसरिया झण्डा लिए जयश्री राम व भारत माता के नारे लगाते हुए चल रहे थे। कलश यात्रा के आगे श्रीराम बजरंग व्यायामशाला के पहलवान अखाडा प्रदर्शन करते हुए चल रहे थे।
धर्मसभा का हुआ आयोजन:-
सनातन की आत्मा है श्रीराम – सुदर्शन महाराज
धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए परम पूज्य श्री श्री मेवाड पीठाधीश्वर संत 1008 सुदर्शन महाराज ने कहा कि पूरे देश में 85 हजार से अधिक हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक सनातन की आत्मा राम है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने आमजन में देश प्रेम जगाने का कार्य किया । संघ के प्रहरियों का भी आमजन संत के समान सम्मान करे।
धर्म सभा में विभाग प्रचारक धनराज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्ष की यात्रा को प्रस्तुत किया। स्कोन टेम्पल के मायापुर वासी, साधवी नंदनी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभा की अध्यक्षता प्रकाश घरबडा ने की। इससे पूर्व कृष्ण किड्स विद्यालय के विद्यार्थियों ने वंदे मातरम का गायन किया। संघ के पांच परिवर्तन पर प्रेक्षा जैन, स्वदेशी पर आकांक्षा, नागरिक कर्तव्य पर कीर्ति दमानी, पर्यावरण पर आकांक्षा जैन, सामाजिक समरसता पर रूत्वी पोरवाल ने अपने विचार व्यक्त किए।
धर्मसभा का संचालन गोपाल गौड ने किया।
समारोह की समाप्ति पर सभी भक्तों का भोजन प्रसाद का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर दिनेश भटट्, प्रकाश घरबडा, पूर्व पार्षद मनोहर चौधरी, ओम प्रकाश चितौडा, कपीश जैन, महेश भावसार, राजकुमार जैन, कपील चितौडा, पल्लव चौधरी, धवल सुथार विनोद वेद, यशवंत सुथार, गोविंद छीपा, चेतन साहू, नरेन्द्र चौधरी, गणेश पालीवाल, सुनील चितौडा, विकास पालीवाल, यश माली, विनोद पालीवाल, विकास गौड, दिनेश सुथार , गोपालकृष्ण गौड, राजेश माली, नीलकंठ रावत, हेमा भावसार, गरिमा सुथार, शंकर लोढा, गीता नागदा, शिवशंकर नागदा, राजकुमार दमामी, पियुष जयंत शर्मा, नवनीत चितौडा, मनोज घरबडा, दिनेश सुथार, प्रदीप सुथार, मीठालाल प्रजापत, मनीष पोरवाल, महेश नागदा, राजेश गवारिया, ललित चौबीसा, महेन्द्र मेघवाल, मांगीलाल दाहीमा सहित कार्यकर्ता अपने हाथों में केसरिया झण्डा लिए नारे लगाते हुए चल रहे थे।
