शोभागपुरा से निकला वर्षीदान का भव्य वरघोड़ा, बहुमान समारोह में उमड़े समाजजन
उदयपुर, 25 जनवरी । सर्व समाज को सही राह पर चलने की प्रेरणा देने वाले साधु सन्तों में जैन समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इसी कड़ी में आज समाज की बेटी की बेटी रविशा जैन इति (राजनगर वाले) का व उनके सांसारिक परिवाजनों का आयड़ तीर्थ स्थित आत्म वल्लभ सभागार में भव्य बहुमान किया गया। इस अवसर पर रविशा को बधाई देने पूरा सकल जैन समाज उमड़ पड़ा।
महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि इससे पूर्व दीक्षार्थी रविशा जैन (राजनगर वाले) का प्रात: 10 बजे मंगलम कॉम्प्लेक्स शोभागपुरा से वर्षीदान का भव्य वरघोड़ा निकाला जो आशीर्वाद नगर, केशव नगर, नागदा रेस्टोरेंट, आयड़ पुलिया विवेकानंद चौराहा होते हुए आयड़ तीर्थ पहुंचा। मार्ग में जगह-जगह गउली बनाकर वरघोड़ों को वदाया गया एवं मुमुक्षु का बहुमान किया गया। वरघोड़े में सबसे आगे इन्द्रध्वज की बग्गी चल रही थी, उसके पीछे 5 घोड़े पर जैन ध्वज लिए श्रावक चल रहे थे, उसके पश्चात जैन निति नवयुवक मण्डल का बैण्ड जयघोष करते हुए आगे बढ़ रहे थे। वहीं उनके पीछे आचार्य जगतचदं सुरी महाराज व साध्वी कीर्ति रेखा आदि ठाणा, उनके पीछे भगवान का रथ उसके बाद श्राविकाएं चल रही थी। उसके बाद डीजे की गाडी व अंतिम में बग्गी में बैठी दीक्षार्थी रविशा जैन इति वर्षीदान करते हुए चली रही थी। साथ ही सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं दीक्षार्थी के जयकारों के साथ आयड़ तीर्थ पहंंचे । जहां युवा प्रकोष्ठ के सदस्यों ने मुमुक्षु रविशा को पालकी में बिठाकर जयकारों के साथ मंच पर लायें। वहंा पर महिलाओं ने फूल व अक्षत बरसा कर मुमुक्षु रविशा का स्वागत किया। कार्यक्रम में सकल जैन समाज की ओर से मुमुक्षु रविशा के दादी मनोरमा देवी, पिता अशोक राजनगर वाले, माता कविता, चाचा,चाची, भाई का बहुमान किया गया। उसके बाद संगीतकार हेनी भाई के मधुर स्वर लेहरियों के बीच मुमुझु रविशा का सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। उसके बाद सकल संघ का भव्य स्वामी वात्सल्य का आयोजन हुआ।
इस अवसर मुमुक्षु रविशा ने कहा कि गुरु के सानिध्य में गुरूकुलवास में मेरे लिये अविस्मरणीय रहा। वहां रहकर मैंने प्रभु भक्ति सीखी। उन्होंने कहा कि धर्म एक आनन्द है। इसमें जितनी गहराई में हम जाते रहेंगे,उतना की हमें आनन्द आयेगा।
समारोह में बोलते हुए महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने कहां कि यह दीक्षा हमें धरोहर के रूप में प्राप्त हुई है। इससे पोरवाल समाज ही नहीं वरन् पूरा जैन समाज गौरवान्वित हुआ है। इस कलियुग में वैराग्य पथ की ओर अग्रसर होना कोई मामूली घटना नहीं है। इस मार्ग पर अग्रसर होना बहुत कठिन कार्य है। दीक्षार्थी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि हमें नाज है,बहुमान करना एक अच्छा रिवाज है। नाहर ने बताया कि 28 वर्षीय रविशा का जन्म 10 अगस्त 1997 में अशोक-कविता पोरवाल के घर अहमदाबाद में हुआ। उन्होंने एम.ए.अंग्रेजी लिटेऊचर करने के बाद बैंगलोर से इंटीरियर डिजाईन का कोर्स कर जॉब भी की। आगामी 8 फरवरी को मुंबई के बोरीवली में होने वाले तिलक समुदाय के दीक्षा समारोह में विजय योग तिलकसुरी महाराज द्वारा दीक्षा ग्रहण कर साध्वी बनेगी। इसी दिन 62 अन्य दीक्षार्थी भी दीक्षा ग्रहण करेंगे। कार्यक्रम का संचालन आलोक पगारिया ने किया।
इस अवसर पर महामंत्री कुलदीप नाहर, यशवंत जैन, राकेश पोरवाल, अशोक राजनगर वाला, चन्द्र प्रकाश राजनगर वाला, अशोक जैन, नितेश पोरवाल, निर्मल पोरवाल, रवि मुर्डिया, श्रेयांश पोरवाल, उदित शाह, हितेश पोरवाल, यशवंत पोरवाल, अक्षय पगारिया, हिमांशु जैन, सतीश कच्छारा, राजेन्द्र जवेरिया, राजेश जावरिया, डॉ. शैलेन्द्र हिरण, निर्मल राजनगर वाला, राकेश राजनगर वाला सहित कई सकल जैन समाज के सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे।
आयड़ तीर्थ में सकल जैन समाज ने किया मुमुक्षु दीक्षार्थी रविशा जैन इति का बहुमान
