राज्य सरकार के निर्देशों पर जिले के राजकीय चिकित्सा संस्थानों का सघन निरीक्षण
जिला कलक्टर मेहता ने सेटेलाइट चिकित्सालय हिरण मगरी की देखी व्यवस्थाएं
अधिकारियों ने किया 50 से अधिक चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण
उदयपुर, 25 जनवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार आमजन को राजकीय चिकित्सालयों में उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने हेतु प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में सरकार द्वारा प्रदत्त निर्देशों की अनुपालना में रविवार को जिले का प्रशासनिक अमला राजकीय चिकित्सा संस्थानों के सघन निरीक्षण पर रहा। जिला कलक्टर नमित मेहता ने शहर के खेमराज कटारा राजकीय सेटेलाइट चिकित्सालय, हिरण मगरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की विस्तार से जानकारी ली तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवश्यकतानुसार नवीन सुविधाओं के प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, आईसीयू, आईपीडी एवं ओपीडी का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने साफ-सफाई, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, दवाओं की स्थिति तथा मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। जिला कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से संवाद करते हुए उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उपचार एवं देखभाल को लेकर संतुष्टि स्तर जाना। उन्होंने मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ को संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ सेवाएं देने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य सहित अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
एडीएम – सीईओ ने भी किया निरीक्षण-इसी क्रम में एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़ द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाई, जिला परिषद सीईओ रिया डाबी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डबोक तथा अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) जितेंद्र ओझा शहर के बड़गांव स्थित सैटेलाइट अस्पताल का निरीक्षण किया। सभी अधिकारियों ने चेक लिस्ट के अनुसार संबंधित चिकित्सालय में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। सीएमएचओ डॉ आदित्य बताया कि रविवार को जिले के 50 से अधिक राजकीय चिकित्सा संस्थानों का विभिन्न अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया।
